
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के आठ बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत राष्ट्रपति भवन का विशेष दौरा करने का अवसर मिला। इस दौरान बच्चों ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राखी बांधी और पारंपरिक हिमाचली परिधान भेंट किए। यह मुलाकात बच्चों के लिए न केवल गर्व का क्षण था, बल्कि उनके जीवन का एक प्रेरणादायक अनुभव भी बन गई।
इस विशेष यात्रा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की चार छात्राओं और विशेष आवश्यकता वाले चार बच्चों को शामिल किया गया। चयनित बच्चों में पोर्टमोर स्कूल की गुंजन व दिया, जीएसएसएस चायल के अंश, जीएमएस रबोन के आरूष, तथा केजीबीवी शिलाई-1 की संतोष, शिलाई-4 की आरुषि और आंध्रा की रिधिमा व प्राची शामिल रहीं। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा का नेतृत्व डॉ. मंजुला शर्मा, प्रतिभा बाली, सोनिया शर्मा और रंजना देवी ने किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बच्चों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षाबंधन के महत्व पर बोलते हुए बच्चों को प्रेम और संरक्षण के व्यापक मायने समझाए। उन्होंने कहा कि यह त्योहार केवल परिवार और मित्रों तक सीमित नहीं, बल्कि पेड़ों और पर्यावरण के साथ भी जोड़ा जा सकता है। राष्ट्रपति ने बच्चों से आग्रह किया कि वे पेड़ों को संरक्षक के रूप में देखें और उन्हें भी राखी बांधकर संरक्षण का संकल्प लें।
राष्ट्रपति भवन और एनसीईआरटी भ्रमण बना सीखने का अनुभव
बच्चों ने राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक धरोहर और अद्वितीय वास्तुकला का अवलोकन किया, साथ ही एनसीईआरटी का भ्रमण कर पुस्तकों के निर्माण की प्रक्रिया को समझा। यह अनुभव उनके लिए ज्ञानवर्धक और उत्साहजनक रहा। राष्ट्रपति भवन की यह यात्रा बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और प्रबल कर गई। बच्चों ने इस अवसर के लिए समग्र शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया।
