Hindi News

हिमाचल की माली हालत बिगड़ी, सरकार उठाएगी 1500 करोड़ का नया कर्ज

Written by:Neha Sharma
Published:
हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्चों के बीच सुक्खू सरकार अब एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। सरकार 1500 करोड़ रुपये का नया ऋण उठाएगी।
हिमाचल की माली हालत बिगड़ी, सरकार उठाएगी 1500 करोड़ का नया कर्ज

हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्चों के बीच सुक्खू सरकार अब एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। सरकार 1500 करोड़ रुपये का नया ऋण उठाएगी, जिसमें से 1000 करोड़ रुपये 15 साल की अवधि और 500 करोड़ रुपये 10 साल की अवधि के लिए लिए जाएंगे। इससे पहले जुलाई के आखिरी सप्ताह में भी सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। सरकार का कहना है कि यह राशि प्रतिबद्ध दायित्वों को पूरा करने और विकास कार्यों की रफ्तार बनाए रखने के लिए खर्च की जाएगी। नीलामी की प्रक्रिया 26 अगस्त को होगी और 28 अगस्त को यह रकम सरकार के खाते में आ जाएगी।

हिमाचल की माली हालत बिगड़ी

नियमानुसार, यह कर्ज सरकार को 28 अगस्त 2035 और 28 अगस्त 2040 तक लौटाना होगा। इस नए कर्ज के बाद प्रदेश का कुल कर्ज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। वित्तीय संकट का असर सरकारी कर्मचारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मई में घोषित तीन फीसदी महंगाई भत्ता अब तक लागू नहीं हो सका है। राज्य सरकार को दिसंबर तक कुल 7 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने की अनुमति मिली है, जिसमें से अगस्त के अंत तक 6700 करोड़ रुपये की सीमा पूरी हो जाएगी। यानी सरकार के पास वित्त वर्ष के बाकी महीनों में महज 300 करोड़ रुपये कर्ज लेने की गुंजाइश बचेगी। हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि हाल ही की प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए केंद्र सरकार अतिरिक्त कर्ज की अनुमति दे सकती है।

वहीं, भाजपा लगातार सरकार की कर्ज नीति पर हमलावर है। दो दिन पहले सोलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा था कि सुक्खू सरकार ने सिर्फ तीन साल में 37739 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। उनकी तुलना में भाजपा सरकार ने 2017 से 2022 तक पूरे कार्यकाल में 30 हजार करोड़ रुपये का ही कर्ज लिया था। बिंदल ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ढाई साल में ही भाजपा शासन से ज्यादा कर्ज ले चुकी है।

कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विधानसभा में डीए के मुद्दे पर विपक्ष ने गुरुवार को सरकार से जवाब मांगा। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जैसे ही प्रदेश की आर्थिक हालत सुधरेगी, सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता जारी कर देगी। हालांकि, बीते 10 वर्षों से कर्मचारियों के बकाये की राशि 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। ऐसे में सरकार पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

Neha Sharma
लेखक के बारे में
A Passionate Digital News writer with deep expertise. Doing Sharp analysis with engaging storytelling. View all posts by Neha Sharma
Follow Us :GoogleNews