हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत दी है। अब हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) की बसों में सफर करने के लिए पुलिस जवानों को डिजिटल ‘HIMBUS’ कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस फैसले से प्रदेश के हजारों पुलिसकर्मियों को फायदा होगा, जो अब अपने विभागीय पहचान पत्र (ID Card) और मैनुअल पास के आधार पर ही यात्रा कर सकेंगे।
यह निर्णय पुलिस बल पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि जब पुलिसकर्मी पहले से ही अपने वेतन का एक हिस्सा HRTC को देते हैं, तो उनसे डिजिटल कार्ड के लिए अलग से शुल्क वसूलना उचित नहीं है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मी पहले से ही अपने वेतन से एक निर्धारित राशि का भुगतान HRTC यात्रा सुविधा के लिए करते हैं। ऐसे में उनसे 236 रुपये का HIMBUS कार्ड बनवाने के लिए कहना उन पर दोहरा आर्थिक बोझ डालने जैसा था। सरकार ने इस विसंगति को दूर करते हुए यह कदम उठाया है।
अब ID कार्ड और मैनुअल पास से होगी यात्रा
नई व्यवस्था के तहत, पुलिसकर्मी अब HRTC बस में यात्रा के दौरान अपना विभागीय ID कार्ड और मैनुअल पास दिखाकर सफर कर पाएंगे। इन्हीं दस्तावेजों को उनकी यात्रा के लिए वैध माना जाएगा। इस फैसले से न केवल उनके पैसे बचेंगे, बल्कि कार्ड बनवाने और उसे रिन्यू कराने जैसी प्रक्रियाओं से भी छुटकारा मिलेगा।
अक्सर पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था, जांच और अन्य सरकारी कामों के लिए प्रदेश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक लगातार यात्रा करनी पड़ती है। डिजिटल कार्ड वेरिफिकेशन में आने वाली तकनीकी दिक्कतों और अन्य अड़चनों से उनके काम में देरी होती थी। अब मैनुअल व्यवस्था से उनका काम आसान और तेज हो जाएगा।
क्या है HIMBUS कार्ड?
हिमाचल सरकार ने HRTC बसों में रियायती या मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाने वाले लोगों के लिए HIMBUS कार्ड अनिवार्य किया है। इसमें महिलाओं को किराये में 50% की छूट मिलती है। इसके अलावा सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र, दिव्यांगजन, स्वतंत्रता सेनानी और वीरता पुरस्कार विजेता जैसी कई श्रेणियों के लोगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है, जिसके लिए यह कार्ड जरूरी है।
सरकार के इस फैसले का पुलिस जवानों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बिना किसी अतिरिक्त खर्च और कागजी कार्रवाई के वे अपनी ड्यूटी पर समय पर पहुंच सकेंगे, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।





