हिमाचल को सहकारिता का आदर्श राज्य बताया, शिमला में हुई समीक्षा बैठक

शिमला में रविवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने प्रदेश को सहकारिता का आदर्श राज्य करार दिया।
हिमाचल को सहकारिता का आदर्श राज्य बताया, शिमला में हुई समीक्षा बैठक

शिमला में रविवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने प्रदेश को सहकारिता का आदर्श राज्य करार दिया। उन्होंने कहा कि विविधता से भरे हिमाचल में सहकारिता क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर उन्होंने 121 ई-पैक्स की शुरुआत की और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की ओर से इस क्षेत्र को हरसंभव सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर प्रदेश सरकार को बधाई भी दी और कहा कि सहकारिता के जरिए ग्रामीण और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल सहकारिता का जनक है और इस मुहिम को प्रदेश के हर कोने तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहकारिता के क्षेत्र में हिमाचल ने देश को एक नई दिशा दिखाई है। बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपलब्धियां साझा कीं, वहीं पंजीयक सहकारी समिति डीसी नेगी ने विस्तार से प्रस्तुति दी। इस मौके पर सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव रमन कुमार और हिमाचल सरकार के सचिव सहकारिता सी. पालरासु भी मौजूद रहे।

हिमाचल सहकारिता का आदर्श राज्य

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 20 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। महिला सशक्तीकरण का उदाहरण पेश करते हुए प्रदेश की सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2,287 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां सक्रिय हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा प्रदेश में हाल ही में 6 नई बहुउद्देशीय समितियां गठित की गई हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश की 76 समितियां मछली पालन समुदाय को प्रोत्साहित कर रही हैं, वहीं 971 डेयरी समितियां दूध उत्पादन और वितरण में लगी हैं। इसके अलावा 441 समितियां बचत एवं ऋण सुविधाएं दे रही हैं और 386 प्राथमिक विपणन सहकारी समितियां किसानों को अपनी उपज बेचने में मदद कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल को सहकारिता क्षेत्र में और अधिक सहयोग प्रदान किया जाए।

मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले के ‘हिमकैप्स कॉलेज ऑफ लॉ’ को शीघ्र वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही सहकारिता क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए स्थापित की जा रही त्रिभुवन सहकारी विवि की फीस निर्धारण पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण विकास का आधार है और केंद्र के सहयोग से हिमाचल इस क्षेत्र में और ऊंचाइयां हासिल करेगा।

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