Hindi News

केंद्रीय बजट से पहले हिमाचल की मांग! BBMB एरियर और राजस्व घाटे के लिए केंद्र से मांगी मदद

Written by:Rishabh Namdev
Published:
केंद्रीय बजट से पहले हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश ने अपनी वित्तीय मांगों को मजबूती से रखा है। राज्य ने राजस्व घाटा अनुदान बढ़ाने, BBMB का बकाया चुकाने और हरित पहलों के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है। इसके पीछे जीएसटी मुआवजे की समाप्ति और आपदा से पड़े वित्तीय दबाव को वजह बताया गया है।
केंद्रीय बजट से पहले हिमाचल की मांग! BBMB एरियर और राजस्व घाटे के लिए केंद्र से मांगी मदद

आगामी केंद्रीय बजट को अंतिम रूप देने से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। शनिवार को दिल्ली में हुई इस बैठक में हिमाचल प्रदेश ने अपनी वित्तीय चिंताओं और मांगों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने रखा। राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बढ़ाने और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के लंबित बकाये के भुगतान की जोरदार पैरवी की।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। इसमें हिमाचल प्रदेश ने विशेष श्रेणी राज्य होने का हवाला देते हुए वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी की आवश्यकता पर बल दिया।

वित्तीय स्थिति पर क्यों है अतिरिक्त दबाव?

राजेश धर्माणी ने बताया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति तीन प्रमुख कारणों से अतिरिक्त दबाव झेल रही है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में राज्य को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती की गई थी। इसके साथ ही, जीएसटी मुआवजे की व्यवस्था समाप्त होने से भी राजस्व का एक बड़ा स्रोत बंद हो गया।

उन्होंने पिछले साल आई भीषण आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा है। इन वजहों से प्रदेश के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए केंद्र से विशेष सहायता की जरूरत है।

BBMB से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए

बैठक में BBMB से जुड़े पुराने मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। हिमाचल सरकार ने मांग की कि जिन प्रोजेक्ट्स की करार अवधि पूरी हो चुकी है, उन्हें राज्य को वापस सौंपा जाए। इसके अलावा, BBMB पर हिमाचल के हजारों करोड़ रुपये के लंबित एरियर का जल्द से जल्द भुगतान करने का मामला भी केंद्र के समक्ष रखा गया।

हरित पहलों के लिए मांगा अतिरिक्त बजट

मंत्री राजेश धर्माणी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल हरित पहलों, वन संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा दे रहा है, जिसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए केंद्र से विशेष वित्तीय अनुदान की मांग की।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों के सुझावों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि बजट तैयार करते समय इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हिमाचल सरकार को उम्मीद है कि केंद्र उसके वित्तीय और ऊर्जा से जुड़े अहम मुद्दों पर सकारात्मक फैसला लेगा।