
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के आदर्श अस्पतालों में मरीजों को अब 350 तरह के टेस्ट की सुविधा मिलेगी। कई अस्पतालों में लैब स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि शेष में जल्द ही इन्हें स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इन अस्पतालों में डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जा रही हैं। सरकार की योजना चुनिंदा आदर्श अस्पतालों में भविष्य में एमआरआई की सुविधा शुरू करने की भी है। वर्तमान में प्रदेश में 49 आदर्श अस्पताल बनाए जा चुके हैं, जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड कर आदर्श अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा।
हिमाचल के आदर्श अस्पतालों में 350 टेस्ट की सुविधा
सरकार का लक्ष्य है कि आदर्श अस्पतालों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाए ताकि मरीजों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर न रहना पड़े। इन अस्पतालों में छह विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है। इनमें गायनी, पीडियाट्रिक्स, आर्थो, मेडिसिन, सर्जरी और रेडियोलॉजी विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके अलावा नर्सों और फार्मासिस्टों के रिक्त पदों को भी भरा जाएगा। सरकार का मानना है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में मरीजों का दबाव कम होगा और लोगों को घर-द्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।
प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार आदर्श अस्पतालों को बेड, उपकरण, डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से सुसज्जित किया जाएगा। मरीजों को अब छोटे-छोटे टेस्ट के लिए भी बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी राहत देगी। प्रदेश सरकार इसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मान रही है।
स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा ने बताया कि आदर्श अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को नजदीकी स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं और आने वाले समय में आदर्श अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ साबित होंगे।
