
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत सामग्री व आर्थिक सहायता वितरित की। यह राहत सामग्री और सहायता प्रदेश तथा प्रदेश से बाहर के दानी सज्जनों द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी। जयराम ठाकुर ने सभी सहयोग देने वालों का आपदा प्रभावितों की ओर से आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में आपदा से प्रभावित लोग एक ही शिकायत कर रहे हैं कि उनके घर अब रहने योग्य नहीं रहे, लेकिन सरकार की परिभाषा के अनुसार वे पूर्ण क्षतिग्रस्त की श्रेणी में नहीं आते। ऐसे में उन्हें घोषित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।
जयराम ठाकुर ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि जो घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं और अब रहने योग्य नहीं हैं, उन्हें भी पूर्ण क्षतिग्रस्त घोषित किया जाए। इससे प्रभावित परिवारों को मुआवजे का लाभ मिल सकेगा और वे नए सिरे से जीवन शुरू कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विशेष राहत पैकेज को जल्द से जल्द आपदा प्रभावितों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने थाची और सोमगाड़ पंचायत के जैहरा गांव में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि 30 साल पहले जिस स्थिति में उन्होंने काम शुरू किया था, आज फिर प्रदेश उसी कठिन दौर में पहुंच गया है।
जयराम ठाकुर का सरकार पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने इस मौके पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सड़क मरम्मत के लिए तत्काल बजट स्वीकृत किया है। कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। इसके लिए एनएचएआई के अध्यक्ष ने 40 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही जारी कर दी है। इसके साथ ही रविवार को 201 करोड़ रुपये और स्वीकृत हुए हैं, जिससे सड़क दुरुस्तीकरण कार्यों में तेजी आएगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल से ही आपदा प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना संभव है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह अपने मानकों में लचीलापन दिखाते हुए हर उस परिवार की मदद सुनिश्चित करे, जिसके घर आपदा में रहने योग्य नहीं बचे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सड़क नेटवर्क के दुरुस्त होने से न केवल राहत कार्य तेजी से होंगे बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी सामान्य स्थिति लौटेगी।
