हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने गुरुवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस बैठक में हिमाचल के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य, संगठनात्मक गतिविधियों और विकास के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के बाद ठाकुर ने संसद में पेश हुए ‘केंद्रीय आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26’ की जमकर तारीफ की और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का प्रमाण बताया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सर्वेक्षण एक ऐतिहासिक दस्तावेज है जो प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब पूरी दुनिया आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है, तब भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
‘PM मोदी की नीतियों का नतीजा’
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक सफलता का श्रेय केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों, कड़े आर्थिक सुधारों और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को दिया। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में बताई गई GDP वृद्धि दर और राजकोषीय स्थिरता इस बात का सबूत है कि पिछले एक दशक में तैयार किया गया नीतिगत ढांचा अब फल दे रहा है और देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
‘हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को विशेष लाभ’
जयराम ठाकुर ने इस बात को रेखांकित किया कि केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में की गई रिकॉर्ड वृद्धि का सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि हिमाचल में कनेक्टिविटी और पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
“पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में की गई रिकॉर्ड वृद्धि ने न केवल देश के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प किया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में कनेक्टिविटी और पर्यटन के नए युग की शुरुआत की है।” — जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष, हिमाचल प्रदेश
उन्होंने आगे कहा कि इन विकास कार्यों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।
‘वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर भारत’
जयराम ठाकुर ने डिजिटल इंडिया, पीएलआई स्कीम और MSME क्षेत्र को दिए जा रहे प्रोत्साहनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम भारत को अगले दो दशकों में एक वैश्विक महाशक्ति बनाने के प्रधानमंत्री के विजन का हिस्सा हैं। बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याण और मध्यम वर्ग के हितों को प्राथमिकता देकर एक बेहतरीन आर्थिक संतुलन स्थापित किया है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यह आर्थिक सर्वेक्षण न केवल आने वाले बजट का एक ठोस आधार है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। उन्होंने संकल्प लिया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में हिमाचल प्रदेश अपनी जल-विद्युत क्षमता, जैविक खेती और पर्यटन के माध्यम से एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।





