हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक चुनौतियों का हवाला देते हुए विमानन क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र से उदार वित्तीय सहायता और नियमों में राहत की मांग की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार से लेकर खराब मौसम में उड़ानों के संचालन तक कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जिन पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
कांगड़ा बनेगा ‘पर्यटन राजधानी’, एयरपोर्ट विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार कांगड़ा जिले को राज्य की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने हवाई अड्डे की पट्टी के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से एक विशेष अनुदान (Grant) प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि विस्तार के बाद यहां बड़े विमान उतर सकेंगे, जिससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए एक संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
खराब मौसम में भी उड़ानों के लिए विशेष नियम की मांग
हिमाचल की मौसमी चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कम दृश्यता (Visibility) की स्थिति में भी उड़ानों का संचालन जारी रखने के लिए नियमों में ढील देने का सुझाव दिया। उन्होंने ‘विशेष विजुअल फ्लाइट रूल्स’ (VFR) लागू करने की वकालत की।
मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि उड़ानों के लिए न्यूनतम दृश्यता की सीमा को मौजूदा 5 किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर किया जाए। इस कदम से खराब मौसम के कारण उड़ानें रद्द होने की दर में काफी कमी आएगी।
सुरक्षा और संचालन समय पर भी दिए सुझाव
बैठक में राज्य के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए भी एक अहम प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की जगह हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपने का अनुरोध किया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए शिमला हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन समय शाम 4 बजे तक बढ़ाने की भी मांग की, ताकि यात्रियों को अधिक विकल्प मिल सकें।
नए हेलीपोर्ट्स और हवाई सेवा पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रस्तावित चार नए हेलीपोर्ट्स को जल्द प्रशासनिक स्वीकृति देने की मांग उठाई ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों को भी हवाई मार्ग से जोड़ा जा सके। साथ ही, उन्होंने चंडीगढ़-शिमला हवाई सेवा की आवृत्ति (Frequency) बढ़ाने पर भी जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने मुख्यमंत्री सुक्खू को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हिमाचल में विमानन क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी मौजूद रहे।





