
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को निदेशक आशीष कोहली ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को आदेश जारी किए हैं, जिनमें स्पष्ट कहा गया है कि कक्षाओं में केवल एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का ही प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा गाइड बुक्स, सहायता पुस्तकों और कुंजियों के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
स्कूलों में गाइड और कुंजियों पर रोक
निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि हाल ही में संज्ञान में आया है कि कई स्कूलों में शिक्षक शिक्षण के दौरान मूल पाठ्यपुस्तकों की बजाय गाइड बुक्स और अन्य सहायक सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है बल्कि शिक्षकों की रचनात्मकता और उनके व्यक्तिगत योगदान को भी सीमित कर रही है। इस कारण छात्रों को गहन और समग्र शिक्षा नहीं मिल पा रही।
शिक्षा विभाग का मानना है कि सहायक पुस्तकों और कुंजियों पर निर्भरता से पढ़ाई का स्तर गिरता है और विद्यार्थी केवल प्रश्नोत्तर याद करने तक सीमित रह जाते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की सामग्री कक्षाओं में इस्तेमाल करने से छात्रों की समझ विकसित नहीं होती और न ही उनमें विश्लेषणात्मक सोच का विकास हो पाता है। यही वजह है कि अब से कक्षा में केवल एनसीईआरटी की किताबों को ही आधिकारिक शिक्षण सामग्री माना जाएगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्कूल या शिक्षक ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उम्मीद जताई है कि इस सख्ती से स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और विद्यार्थियों को मूलभूत समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण शैली और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
