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चंबा में अवैध खनन की शिकायत पर NGT का एक्शन, पंचायत प्रधान पर लगे गंभीर आरोप

Written by:Neha Sharma
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विवरण, खनन की तिथि और दर्ज शिकायतों के सबूत। इसके बावजूद, पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए एनजीटी ने जिला अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने और विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
चंबा में अवैध खनन की शिकायत पर NGT का एक्शन, पंचायत प्रधान पर लगे गंभीर आरोप

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में अवैध खनन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। एनजीटी ने चंबा जिला उपायुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिया है, कि वह मामले की गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं। यह आदेश लोडवान गांव की निवासी कैचना देवी की शिकायत के आधार पर दिया गया है।

कैचना देवी ने एनजीटी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि गांव के प्रधान ने उनकी निजी भूमि पर अवैध खनन करवाया और भारी मशीनरी की मदद से जबरन सड़क निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से उनके पहाड़ी घर को भूस्खलन का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम, स्थानीय पुलिस और खनन विभाग को कई शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

हिमाचल में मानसून के दौरान खनन

यह मामला एनजीटी की प्रधान पीठ, नई दिल्ली में न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ में सुना गया। एनजीटी ने मामले की गंभीरता को मानसून के समय में और अधिक चिंताजनक बताया, क्योंकि राज्य पहले से ही भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं से जूझ रहा है। याचिका में पूरे हिमाचल में मानसून के दौरान खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई।

विवरण, खनन की तिथि और दर्ज शिकायतों के सबूत

प्राधिकरण ने यह भी पाया कि याचिका में कुछ जरूरी जानकारियों का अभाव है, जैसे कि विवादित भूमि का स्पष्ट विवरण, खनन की तिथि और दर्ज शिकायतों के सबूत। इसके बावजूद, पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए एनजीटी ने जिला अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने और विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।