शिमला में बारिश का कहर, भूस्खलन और बाढ़ से भारी नुकसान,दर्जनों पेड़ गिरने से सड़कें हुई बंद

आईजीएमसी के पास सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और नाले का पानी जमा होने से रास्ता बंद हो गया। इससे वाहनों को भारी नुकसान हुआ और अस्पताल के नीचे की सकुर्लर सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
शिमला में बारिश का कहर, भूस्खलन और बाढ़ से भारी नुकसान,दर्जनों पेड़ गिरने से सड़कें हुई बंद

जिला शिमला में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। कोटखाई के खलटूनाला में बादल फटने से आई बाढ़ में सात वाहन मलबे में दब गए। भारी भूस्खलन के कारण सड़कों पर मलबा और पानी जमा हो गया, जिससे कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। शिमला शहर में दो दर्जन से अधिक पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और कई भवनों को भी नुकसान हुआ।

शिमला के मेहली और फागू के गलू में भूस्खलन से सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। मेहली में सड़कों पर मलबा जमा होने से सेब से लदे वाहन जाम में फंस गए। इंद्रनगर, कनलोग, ढली और चमियाणा जैसे इलाकों में भी मलबा आने से यातायात बाधित हुआ। लोक निर्माण विभाग सड़कों को खोलने में जुटा है, लेकिन अभी तक सभी मार्ग पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं।

सड़क पर भारी मात्रा में मलबा

आईजीएमसी के पास सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और नाले का पानी जमा होने से रास्ता बंद हो गया। इससे वाहनों को भारी नुकसान हुआ और अस्पताल के नीचे की सकुर्लर सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वाहनों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही

राष्ट्रीय राजमार्ग भी फागू और कुफरी गलू के पास बंद हो गया है, जिससे ऊपरी शिमला को जाने वाले रास्तों पर आवाजाही ठप है। भारी बारिश के कारण जिले भर में सड़कों पर जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग स्थिति को नियंत्रित करने में लगे हैं, लेकिन भारी नुकसान के कारण राहत कार्यों में चुनौतियां बनी हुई हैं।

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