CM सुक्खू ने शिमला IGMC में शुरू की रोबोटिक सर्जरी, 30 हजार में होगा ऑपरेशन

बुधवार को शिमला के IGMC में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया। अस्पताल में सामान्य मरीज के लिए सर्जरी शुल्क 30 हजार रुपये और स्पेशल वार्ड लेने पर 50 हजार रुपये तय किए गए हैं। पहले ही दिन 5 ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिनमें 3 रोबोटिक सर्जरी शामिल हैं।
CM सुक्खू ने शिमला IGMC में शुरू की रोबोटिक सर्जरी, 30 हजार में होगा ऑपरेशन

बुधवार को शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में रोबोटिक सर्जरी की औपचारिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद अस्पताल पहुंचे, ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक तकनीक से की जा रही गॉल ब्लैडर सर्जरी देखी और डॉक्टरों से इसकी कार्यप्रणाली पर बातचीत की।

यह शुरुआत सिर्फ तकनीक जोड़ने की कहानी नहीं है, बल्कि उन मरीजों के लिए राहत की खबर है जिन्हें बड़े चीरे, लंबे दर्द और हफ्तों की रिकवरी से गुजरना पड़ता था। रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे लगते हैं, इसलिए दर्द कम रहता है और मरीज अपेक्षाकृत जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है।

कितना खर्च आएगा, सबसे बड़ा सवाल यहीं था

शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने साफ किया कि IGMC में रोबोटिक सर्जरी का शुल्क 30 हजार रुपये रखा गया है। जिन मरीजों को स्पेशल वार्ड चाहिए, उनके लिए यह राशि 50 हजार रुपये होगी। सरकारी संस्थान में यह दर तय होने से इलाज की लागत को लेकर चल रही अनिश्चितता काफी हद तक खत्म हुई है।

सीएम ने यह भी कहा कि राज्य के तीन मेडिकल कॉलेजों में अब रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में दूसरे कॉलेजों में भी इसे बढ़ाया जाएगा। इससे अभी तक बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर रहने वाले मरीजों को अपने राज्य में ही उन्नत सर्जिकल विकल्प मिलने लगेंगे।

पहले दिन ही 5 ऑपरेशन, टीम पर खास निगरानी

IGMC प्रशासन के मुताबिक पहले दिन कुल 5 ऑपरेशन निर्धारित किए गए हैं। इनमें सर्जरी विभाग की टीम रोबोटिक तकनीक से 3 सर्जरी कर रही है। इन प्रक्रियाओं के लिए विभाग के 4 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और शुरुआती चरण की सर्जरी अनुभवी सर्जनों की निगरानी में कराई जा रही है।

साथ ही, शिमला के KNH अस्पताल से रेफर की गईं दो महिला मरीजों के सामान्य गायनी ऑपरेशन भी IGMC में किए जा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि अस्पताल एक ही दिन में नई तकनीक और नियमित सर्जिकल सेवाओं को साथ लेकर चल रहा है, ताकि रेफरल मरीजों को इंतजार न करना पड़े।

30 करोड़ की मशीन, नया OT और 30 बेड का वार्ड

अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से मशीन स्थापित की गई है। इसके लिए अलग से नया ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है, ताकि तकनीकी मानकों और संक्रमण नियंत्रण में कोई समझौता न हो।

IGMC में 30 बिस्तरों का विशेष वार्ड भी बनाया गया है, जहां ऑक्सीजन समेत जरूरी उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यवस्था खास तौर पर पोस्ट-ऑपरेटिव केयर को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, क्योंकि सर्जरी की सफलता का बड़ा हिस्सा ऑपरेशन के बाद की निगरानी से तय होता है।

चमियाना और नेरचौक के बाद अब IGMC, अगला फोकस विस्तार

राज्य सरकार इससे पहले अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू कर चुकी है। IGMC के जुड़ने से राजधानी और आसपास के जिलों के मरीजों को एक और बड़ा केंद्र मिल गया है, जहां से प्रदेशभर के रेफर केस भी संभाले जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री सुक्खू IGMC कार्यक्रम के बाद राइट टू जस्टिस: एक्शन फॉर ऑल वुमन एंड गर्ल्स विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शुरुआती दिनों में प्रशिक्षित टीम की निगरानी में चयनित मामलों पर रोबोटिक सर्जरी जारी रहेगी, और मरीजों का रजिस्ट्रेशन अस्पताल की निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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