
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार बीपीएल, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और पिछड़े वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है ‘मुख्यमंत्री शगुन योजना’, जो गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहारा दे रही है। योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की बीपीएल परिवार की लड़कियों और महिलाओं को शादी पर 31 हजार रुपये का शगुन दिया जाता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान के अनुसार, अब तक मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र की 139 बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है, जिसके लिए 43 लाख 09 हजार रुपये की राशि जारी हुई है।
मुख्यमंत्री शगुन योजना
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 62 बेटियों को 19 लाख 22 हजार रुपये, 2024-25 में 68 बेटियों को 21 लाख 08 हजार रुपये और 2025-26 में अब तक 9 बेटियों को 2 लाख 79 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह के समय पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इसमें यह प्रावधान भी है कि यदि लड़की का विवाह हिमाचल प्रदेश के बाहर के निवासी वर से हो, तब भी वह अनुदान के लिए पात्र रहेगी।
शगुन योजना का लक्ष्य केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान के रास्ते पर आगे बढ़ाने का भी प्रयास है। पात्रता के लिए लड़की का हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होना और बीपीएल प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यह सहायता माता-पिता, अभिभावक या खुद लड़की को (यदि माता-पिता जीवित न हों) दी जाती है। योजना के तहत विवाह की तय तारीख से दो माह पूर्व या विवाह के छह माह के भीतर आवेदन किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू की पहल पर इस वर्ष से आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन भी शुरू कर दी गई है। पात्र लाभार्थी अब e-district पोर्टल (https://edistrict.hp.gov.in) के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे आयु प्रमाण पत्र, स्थायी प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण पत्र, विवाह की तिथि का प्रमाण, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (यदि विवाह हो चुका है), नि:सहाय प्रमाण पत्र (माता-पिता के न होने की स्थिति में), आधार कार्ड और बैंक खाते की कॉपी संलग्न करनी होगी।
