
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों में बच्चों के साथ बढ़ती हिंसा के मामलों ने शिक्षा विभाग को चिंता में डाल दिया है। जिला चंबा के भरमौर में बच्चे के कान का पर्दा फाड़ने की घटना के बाद अब शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल की महिला अध्यापिका ने कक्षा के छात्र की बेरहमी से पिटाई की।
शिक्षा विभाग ने अध्यापिका को किया निलंबित
यह घटना रोहड़ू के गांवणा (केंद्र कुटारा) स्थित प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। वायरल हुए वीडियो में शिक्षिका बच्चे की कमीज उतरवाकर कांटेदार झाड़ी से मारती हुई दिख रही है। बच्चे के बार-बार माफी मांगने के बावजूद शिक्षिका लगातार उसे मारती रहती है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अध्यापिका को निलंबित कर दिया।
वहीं, पुलिस ने भी इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। थाना रोहड़ू में यह मामला जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष संतोष शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने महिला शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धारा 17 का स्पष्ट उल्लंघन
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, शिमला ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कहा कि यह बालकों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसमें बच्चों को किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा पर सख्त रोक है। साथ ही, यह कृत्य केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 के नियम 3(1) के तहत गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रीना राठौर का मुख्यालय खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सराहन कार्यालय में रहेगा। इस दौरान वह बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। शिक्षा विभाग ने मामले को उदाहरण के रूप में लेते हुए अन्य शिक्षकों को भी चेतावनी दी है कि शारीरिक दंड जैसी घटनाएं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
