हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट में जल्द बदलाव देखने को मिल सकता है। दरअसल कांग्रेस नेतृत्व ने धर्मशाला में पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के साथ सरकार के प्रदर्शन और संगठन की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने बैठक की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे।
दरअसल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि कैबिनेट विस्तार होना है, लेकिन इसकी अंतिम तारीख और फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। यदि मौसम अनुकूल रहा तो 16 या 17 जुलाई को धर्मशाला में होने वाली बैठक के बाद कैबिनेट से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का रास्ता साफ हो सकता है। राजनीतिक हलकों में इसे सरकार के दूसरे चरण की नई रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
किन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं?
वहीं हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में इस समय एक मंत्री पद खाली है। इसके अलावा पिछले कुछ समय से एक या दो मंत्रियों के विभाग बदलने या उन्हें हटाने की चर्चाएं भी लगातार चल रही हैं। ऐसे में नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। यदि मंत्रिमंडल में दो स्थान खाली होते हैं तो ज्वालाजी के विधायक संजय रत्न, पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और अर्की के विधायक संजय अवस्थी के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
पार्टी ने किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और हाईकमान की मंजूरी के बाद ही होगा। इसके साथ ही विधानसभा के मानसून सत्र से पहले डिप्टी स्पीकर के खाली पद को भी भरने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो सरकार संगठन और विधानसभा दोनों स्तर पर नए समीकरण बनाने की कोशिश करेगी।
कई अहम बैठकों का कार्यक्रम तय
दरअसल धर्मशाला और शिमला में प्रस्तावित बैठकों का उद्देश्य केवल कैबिनेट विस्तार तक सीमित नहीं है। कांग्रेस नेतृत्व संगठन को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल लगातार जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कर रही हैं। इन बैठकों में संगठन की नई कार्यकारिणी, बूथ स्तर पर सक्रियता और विभिन्न मोर्चों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।






