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ग्रेट खली का पांवटा साहिब तहसीलदार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप, CM सुक्खू से की जांच की मांग

Written by:Rishabh Namdev
Published:
विश्व प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली ने हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के तहसीलदार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार और जमीनी दस्तावेजों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रेट खली का पांवटा साहिब तहसीलदार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप, CM सुक्खू से की जांच की मांग

WWE के पूर्व विश्व चैंपियन और भारत के मशहूर रेसलर द ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा ने हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खली ने सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में तैनात तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार, जमीनी दस्तावेजों में हेरफेर और प्रॉपर्टी डीलरों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खली ने दावा किया कि अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर समझ रहे हैं और एक ‘राजस्व सिंडिकेट’ चलाकर गरीबों की जमीनें हड़प रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा जमीन विवाद?

खली के अनुसार, यह मामला उनकी 16 बीघा जमीन से जुड़ा है, जो उनके पिता ने साल 2013 में पांवटा साहिब के सूरजपुर गांव में एक महिला से खरीदी थी। उन्होंने बताया कि उनके पास जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। विवाद तब खड़ा हुआ जब हाल ही में उन्होंने अपनी जमीन पर चारदीवारी का काम शुरू करवाया।

खली का आरोप है कि दूसरे पक्ष, वीरेंद्र सिंह, ने इस जमीन पर अपना दावा जताया, जिसके बाद तहसीलदार ने उनके दस्तावेजों को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया, “तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने दस्तावेजों से छेड़छाड़ की और प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने के लिए मेरी जमीन हड़पने की कोशिश की।”

SDM पर भी मिलीभगत के आरोप

द ग्रेट खली ने न केवल तहसीलदार बल्कि स्थानीय SDM पर भी इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि वे अकेले पीड़ित नहीं हैं, बल्कि इलाके के 100 से ज्यादा लोग इस तरह के भ्रष्टाचार का शिकार हो चुके हैं।

“तहसीलदार लोगों को बिना कोई सूचना दिए एकतरफा (एक्स-पार्टी) फैसले ले रहे हैं। वर्षों से अपनी जमीन पर काबिज लोगों को बेदखल किया जा रहा है।” — द ग्रेट खली

खली ने तहसीलदार की संपत्ति की जांच की भी मांग की और कहा कि अधिकारी ने कुछ ही समय में करोड़ों की अवैध संपत्ति बना ली है।

सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग

इस पूरे प्रकरण को लेकर खली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इस ‘राजस्व सिंडिकेट’ की गहनता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। वहीं, दूसरी ओर, राजस्व अधिकारियों का कहना है कि वे केवल नियमानुसार काम कर रहे हैं। उनका तर्क है कि खली का कब्जा जिस जमीन पर है, वह उनके दस्तावेजों वाली मूल जमीन से अलग है और नाले के पास स्थित है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने हिमाचल के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।