मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के लिए 12 जून का दिन खास होने वाला है। लंबे समय से चर्चा में बनी फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि नर्मदापुरम की संस्कृति, यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय प्रतिभाओं को देशभर में पहचान दिलाने का एक प्रयास भी मानी जा रही है। फिल्म की रिलीज को लेकर स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों में उत्साह साफ देखा जा रहा है।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी शूटिंग नर्मदापुरम और आसपास के वास्तविक स्थानों पर की गई है। आमतौर पर फिल्मों में लोकेशन के नाम बदले जाते हैं या काल्पनिक शहर दिखाए जाते हैं, लेकिन ‘द नर्मदा स्टोरी’ में ऐसा नहीं किया गया है। दर्शकों को नर्मदा घाट, आसपास के प्राकृतिक दृश्य और शहर की वास्तविक पहचान उसी रूप में देखने को मिलेगी, जैसी वह वास्तव में है। इससे फिल्म स्थानीय लोगों के लिए और भी ज्यादा खास बन गई है।
शरद सिंह का किरदार बढ़ाएगा सस्पेंस
फिल्म में नर्मदापुरम के कलाकार शरद सिंह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वह लापता पुलिस इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम भदौरिया के किरदार में नजर आएंगे, जो कहानी के सस्पेंस को आगे बढ़ाने का काम करेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान शरद सिंह ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक अभिनय परियोजना नहीं, बल्कि अपने जिले और यहां की कला को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर है।
फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों का कहना है कि इसमें स्थानीय थिएटर कलाकारों और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से जुड़े कलाकारों को भी मौका दिया गया है। इससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ेगी। फिल्म इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि जब स्थानीय कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स में जगह मिलती है, तो इससे पूरे क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिलती है और नए अवसरों के दरवाजे खुलते हैं।
IPS सिमाला प्रसाद और अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी बनाएगी फिल्म को खास
‘द नर्मदा स्टोरी’ की स्टार कास्ट भी दर्शकों का ध्यान खींच रही है। मध्य प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी सिमाला प्रसाद फिल्म में सब-इंस्पेक्टर नर्मदा रायकवार की भूमिका निभा रही हैं। इससे पहले भी वह अभिनय के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं। उनके अलावा रघुवीर यादव, मुकेश तिवारी, अश्विनी केलसेकर, इक्तियाक खान और जरीना वहाब जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी क्षेत्र विशेष की कहानी को उसकी वास्तविक लोकेशन और स्थानीय पहचान के साथ प्रस्तुत करना दर्शकों को ज्यादा जुड़ाव महसूस कराता है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में ऐसी फिल्मों को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है। ‘द नर्मदा स्टोरी’ से भी इसी तरह की उम्मीदें की जा रही हैं। फिल्म न केवल एक मनोरंजक कहानी पेश करेगी, बल्कि नर्मदापुरम की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय प्रतिभाओं को देशभर के दर्शकों के सामने नए अंदाज में पेश करने का काम भी करेगी।






