सुबह की चाय के साथ ब्रेड-टोस्ट खाना हम सबकी आदत है। बच्चे स्कूल जाने से पहले जल्दी-जल्दी नाश्ता करते हैं, बुजुर्ग हल्का और सादा भोजन पसंद करते हैं, और कामकाजी लोग भी समय बचाने के लिए ब्रेड का सहारा लेते हैं। लेकिन अगर वही ब्रेड-टोस्ट गंदगी में तैयार हो रहा हो, तो सोचिए यह हमारी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है।
नर्मदापुरम में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रसूलिया इलाके में एक बेकरी पर छापा मारकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसी सच्चाई उजागर की, जिसने सभी को हैरान कर दिया। गंदे कपड़ों में ब्रेड बन रही थी, टोस्ट खुले में रखे थे, और खाने की चीजें अखबार पर सजाकर बेची जा रही थीं। अब इस बेकरी को सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नर्मदापुरम बेकरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
नर्मदापुरम के रसूलिया क्षेत्र में स्थित ॐ साईं राम बेकरी और पेटिस पार्लर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार और जितेंद्र सिंह राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जैसे ही निरीक्षण शुरू हुआ, टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। ब्रेड और टोस्ट गंदे कपड़ों में बनाए जा रहे थे। उत्पादन क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव था। खाद्य सामग्री खुले में रखी थी और कुछ उत्पाद बदबूदार स्थिति में तैयार हो रहे थे। यह देखकर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया।
गंदी हालत में बन रही थी ब्रेड-टोस्ट, 50 किलो माल नष्ट
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ब्रेड, टोस्ट और बिस्कुट जैसी चीजें साफ-सुथरे तरीके से नहीं बनाई जा रही थीं। कई उत्पाद अखबार पर खुले में रखे गए थे। खाने की चीजों को ढककर रखने का कोई इंतजाम नहीं था।
स्थिति इतनी खराब थी कि लगभग 50 किलो ब्रेड, टोस्ट और पाव को मौके पर ही नष्ट करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि ये खाद्य पदार्थ मानव उपभोग के योग्य नहीं थे। अगर इन्हें बाजार में बेचा जाता, तो बच्चों और आम लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ब्रेड, टोस्ट और बेकरी बिस्कुट के नमूने जब्त कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस चल रही थी बेकरी, न निर्माण तिथि न एक्सपायरी
जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। यह बेकरी बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी होता है, लेकिन यहां कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था।
उत्पादों पर न तो निर्माण तिथि लिखी थी और न ही एक्सपायरी डेट। यानी ग्राहक यह नहीं जान सकते थे कि वे जो ब्रेड-टोस्ट खा रहे हैं, वह ताजा है या कई दिन पुराना। बैच नंबर और पैकेजिंग मानकों का भी पालन नहीं किया गया था।
नर्मदापुरम बेकरी सील करने के साथ ही संचालक को नोटिस जारी किया गया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अगले आदेश तक फैक्ट्री बंद रहेगी। जब तक वैध दस्तावेज और संतोषजनक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती, संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्यों खतरनाक है यह मामला?
ब्रेड-टोस्ट ऐसी चीज है जिसे सबसे ज्यादा बच्चे खाते हैं। सुबह स्कूल जाने से पहले या टिफिन में यही दिया जाता है। अगर यह अस्वच्छ हालत में तैयार हो, तो फूड प्वाइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि गंदे माहौल में बने खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। एक्सपायरी डेट न होने से बासी या खराब ब्रेड भी बिक सकती है। ऐसे मामलों में बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा खतरा रहता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है। यह सिर्फ एक बेकरी की बात नहीं, बल्कि पूरे शहर की सेहत से जुड़ा मुद्दा है।






