इटारसी में एमएसपी से कम रेट पर बेची जा रही देसी-विदेशी शराब

इटारसी में एमएसपी से कम रेट पर बेची जा रही देसी-विदेशी शराब

इटारसी, राहुल अग्रवाल। इलाके में देसी और विदेशी शराब एमएसपी से कम रेट पर बेची जा रही है। आबकारी नियमों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि अधिक व एमएसपी (न्यूनतम मूल्य से कम दाम) पर शराब का विक्रय नही किया जा सकता है। लेकिन इटारसी में मामला अलग है, यहाँ आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते एमएसपी से कम रेट पर देसी विदेशी शराब बेची जा रही है।

शराब ठेकेदार द्वारा मनमाने एमएसपी यानि न्यूनतम मूल्य से कम दाम में शराब बेची जा रही है। इस बाहुबली शराब ठेकेदार के द्वारा खेड़ा स्थित अंग्रेजी व देशी शराब दुकान से एमएसपी से कम दाम पर शराब विक्रय की जा रही है जो आबकारी शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे शहर में अन्य शराब ठेकेदारों को रोजाना लाखों रुपए का नुकसान उठना पड़ रहा है, वहीं सुरा प्रेमियों की खुशी का ठिकाना नहीं है। कम रेट के कारण सुरा प्रेमी इस शराब दुकान से शराब लेने पहुंचते हैं जिससे खेड़ा स्थित शराब दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ नजर आती है। कोरोना काल में इस शराब दुकान पर बड़ी संख्या में खरीदार कम दाम के लालच में पहुंच रहे हैं। लेकिन ज्यादा भीड़ होने के कारण कोरोना का खतरा भी रहता है। वहीं शहर के अन्य शराब ठेकेदार भी इस कारण नुकसान उठा रहे हैं और मजबूरी में उन्हें भी एमएसपी से कम दामों पर शराब बेचनी पड़ रही हैं। ये बात समझ से परे है कि इस मामले में आबकारी विभाग अब तक खामोश क्यों है।

सूत्रों के मुताबिक इटारसी को छोड़ दें तो होशंगाबाद जिले की अन्य कई शराब दुकानों पर एमआरपी से अधिक दामों पर शराब की बिक्री की जा रही है। यहां एक शराब ठेकेदार द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है, जो देशी व अंग्रेजी शराब दुकान है। सूत्र बताते हैं कि सेमरी, शोभापुर, सोहागपुर, पिपरिया बनखेड़ी, पचमढ़ी के मटकुली में शराब ठेकेदार द्वारा एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचकर ग्राहकों को प्रतिदिन लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। वहीं नाममात्र के लिए इन शराब दुकानों पर आबकारी आयुक्त के आदेश की रेट लिस्ट लगा रखी है।

दो माह से चल रही मनमानी
सूत्र बताते हैं कि इस बाहुबली ठेकेदार द्वारा लगभग दो माह से देशी शराब दुकान एवं अंग्रेजी शराब दुकान खेड़ा इटारसी से शासन द्वारा तय एमएसपी से कम दाम पर शराब बेची जा रही है। जिस कारण कोरोना काल में भी इस शराब दुकानों पर सुरा प्रेमियों की अच्छी खासी भीड़ पहुंच रही है।

क्या कहता है आबकारी एक्ट व राजपत्र के नियम
आबकारी नियमों के तहत स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य हानि एमएसपी से कम दाम पर एवं निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य यानी एमआरपी से अधिक दाम पर मदिरा का विक्रय किया जाना गंभीर अनियमितता मानकर संबंधित मदिरा दुकान का लाइसेंस कम से कम एक दिन के लिए अथवा अधिकतम पांच दिन निलंबित किया जाएगा। दो से अधिक बार ऐसी अनियमितता पाए जाने पर उक्त मदिरा दुकान का लाइसेंस वर्ष की शेष अवधि के लिए निरस्त किया जा सकेगा। बता दें कि खेडा देशी शराब दुकान पर प्लेन शराब का क्वाटर 50 रूपये में व मसाला शराब क्वाटर 60 रुपए में बेचा जा रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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