मकर संक्रांति पर करें ये दान, कुंडली के सारे दोष होंगे छूमंतर

मकर संक्रांति का दिन खास होता है, जब सूर्य देव अपनी मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इस दिन कुछ विशेष दान और उपाय करने से न सिर्फ ग्रहों का संतुलन बनता है, बल्कि कुंडली के सारे दोष भी दूर हो जाते हैं.
Makar Sankranti 2026

Makar Sankranti 2025: आज देशभर में मकर सक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर सक्रांति के दिन भगवान सूर्यदेव अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. इस घटना को पिता-पुत्र के संबंधों में सकारात्मक उर्जा और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है.

मकर सक्रांति का त्योहार पिता-पुत्र और परिवार के संबंधों को मज़बूत करने का अच्छा अवसर है. इस विशेष संयोग के दौरान पिता-पुत्र के बीच गलतफहमियां दूर होती है और रिश्तों में मधुरता आती है.

मकर सक्रांति (Makar Sankrantri)

मकर सक्रांति के त्योहार के दिन देशभर के कई हिस्सों में चावल, दाल और खिचड़ी का दान करने की परंपरा चली आ रही है. माना जाता है कि इस दिन इन सामग्रियों का दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. मकर सक्रांति को शुभ कार्यों और दान पुण्य के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना गया है.

मकर सक्रांति पर दान करें ये चीज़ें (Makar Sankranti 2025 Daan)

तिल दान

मकर संक्रांति के दिन तिल दान करना बहूत शुभ माना जाता है, इसका दान करने से न केवल स्वास्थ्य लाभ होता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है. इस तरह तिल से बने लड्डुओं का दान करना अच्छा माना जाएग.

अनाजों का दान

इसके अलावा मकर सक्रांति के त्योहार पर चावल, गेहूं ,दाल और बाज़ार जैसे अनाजों का दान करना भी शुभ माना जाता है. इन चीज़ों का दान करने से व्यक्ति के जीवन में धन की प्राप्ति होती है. आप इस दिन गरीबों और ज़रूरतमंद लोगों को इन चीज़ों का दान कर सकते हैं.

धातु का करें दान

मकर सक्रांति के दिन धातुओं के पात्रों का दान करना जैसे सोना , चाँदी , ताँबे के बर्तन या अन्य धातुओं के सामान का दान करना बहुत ही ज़्यादा शुभ माना जाता है. इन चीज़ों का दान करने से जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है.

मकर सक्रांति के उपाय (Makar Sankranti 2025)

पहला उपाय

मकर सक्रांति के दिन सूर्योदय के बाद पानी में काली तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस उपाय को करने से भगवान सूर्य देव प्रसन्न होते हैं साथ ही साथ कुंडली के ग्रह दोषों का निवारण भी हो जाता है.

दूसरा उपाय

इस दिन विशेष रूप से ताँबे के लोटे में जल लेकर उसमें काला तिल , गुड़ , लाल चंदन ,लाल पुष्प और अक्षत मिलाएँ. फिर ओम सूर्याय नमः , ओम नमो भगवते सूर्याय नमः, जैसे मंत्रों का जाप करें. मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें.

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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