चेन्नई का पार्थसारथी मंदिर: जहां दिखते हैं मूंछों वाले भगवान श्रीकृष्ण

चेन्नई के प्रसिद्ध पार्थसारथी मंदिर में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति बाकी मंदिरों से अलग है। यहां भगवान मूंछों और दाढ़ी के साथ दिखाई देते हैं। जनमानस का मानना है कि यहां सप्त ऋषियों ने कठोर तपस्या की थी, और यह स्थान पांडवों के समय से पवित्र माना जाता है।
Parthasarathy Temple

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित पार्थसारथी मंदिर (Parthasarathy Temple) सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अद्भुत और दुर्लभ मूर्ति कला का उदाहरण भी है। यहां विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का रूप आपको हैरान कर देगा, क्योंकि वे मूंछ और दाढ़ी के साथ दिखाई देते हैं जो कि आमतौर पर किसी भी कृष्ण मंदिर में नहीं देखा जाता।

माना जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। पांडवों के समय यहां सप्त ऋषियों ने कठोर तपस्या की थी। भक्तों का विश्वास है कि इस स्थान की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोवांछित फल मिलता है।

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता और विशेषता

मूंछ-दाढ़ी वाले श्रीकृष्ण का अद्भुत स्वरूप

पार्थसारथी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का यह विशेष रूप उन्हें ‘पार्थसारथी’ यानी अर्जुन के सारथी के रूप में दर्शाता है। युद्ध के समय के इस स्वरूप में मूंछ और हल्की दाढ़ी उनके वीर और गंभीर व्यक्तित्व को दर्शाती है।

सप्त ऋषियों की तपोभूमि

मान्यता है कि इस स्थान पर सप्त ऋषियों वशिष्ठ, विश्वामित्र, कश्यप, गौतम, भारद्वाज, जमदग्नि और अत्रि ने कठोर साधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने यहां प्रकट होकर आशीर्वाद दिया। तभी से यह स्थान पवित्र माना जाता है।

वास्तुकला और धार्मिक महत्व

मंदिर का निर्माण द्रविड़ शैली में हुआ है, जिसमें ऊंचे गोपुरम, पत्थरों पर बारीक नक्काशी और रंगीन मूर्तियां देखने लायक हैं। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, खासकर जन्माष्टमी और वैष्णव त्योहारों के समय यह मंदिर भव्य रूप से सजाया जाता है।

Bhawna Choubey
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