Raksha Bandhan 2024: सावन पूर्णिमा पर कई योगों का हो रहा निर्माण, शुभ फलों की होगी प्राप्ति

यह त्योहार परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे के करीब लाता है और उनके बीच प्रेम और सम्मान को बढ़ाता है। इस दिन मिठाइयों का विशेष महत्व होता है, जो इस त्योहार की मिठास को और बढ़ा देती हैं।
raksha bandhan 2023

Raksha Bandhan 2024 : सावन पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले रक्षाबंधन के त्योहार की तारीख इस साल 19 अगस्त है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। जिसे राखी के नाम से भी जाना जाता है, भारत का एक प्रमुख त्योहार है जो भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है। यह त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, जो उनके प्रति स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है। भाई बदले में अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी सुरक्षा और देखभाल का वचन देते हैं। यह त्योहार परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे के करीब लाता है और उनके बीच प्रेम और सम्मान को बढ़ाता है। इस दिन मिठाइयों का विशेष महत्व होता है, जो इस त्योहार की मिठास को और बढ़ा देती हैं।

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शुभ समय

पंचांग के अनुसार, इस साल श्रावण पूर्णिमा 19 अगस्त को देर रात 03 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और 19 अगस्त को देर रात 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि गणना के अनुसार, रक्षाबंधन 19 अगस्त को मनाई जाएगी। रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा योग के दौरान नहीं मनाया जाता है, क्योंकि इसे शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए, राखी बांधने का समय भद्रा योग के समाप्त होने के बाद ही होता है।

शोभन योग

इस साल रक्षाबंधन पर शोभन योग का निर्माण हो रहा है, जो ज्योतिषियों के अनुसार बहुत शुभ माना जाता है। शोभन योग का संयोग देर रात 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, यानी यह योग दिन भर रहेगा। इस योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। शोभन योग में बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं, जिससे उन्हें शुभ फल की प्राप्ति होगी।

सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग

इसके अलावा, इस दिन सुबह 08 बजकर 10 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो और भी अधिक शुभ माना जाता है।

शोभन योग: दिन भर, देर रात 12:47 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग: सुबह 08:10 बजे तक

धनिष्ठा नक्षत्र

इस वर्ष रक्षाबंधन पर धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सबसे पहले श्रवण नक्षत्र का संयोग होगा, जो सुबह 08 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का निर्माण होगा, जो दिन भर रहेगा और 20 अगस्त को सुबह 05 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगा।

श्रवण नक्षत्र: 19 अगस्त को सुबह 08:10 बजे तक
धनिष्ठा नक्षत्र: 19 अगस्त को सुबह 08:10 बजे से 20 अगस्त को सुबह 05:45 बजे तक
शोभन योग: दिन भर, देर रात 12:47 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग: सुबह 08:10 बजे तक

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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