इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र में गुरुवार को पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद अचानक सड़क पर पहुंच गया। कुछ ही मिनटों में यह घटना वहां मौजूद लोगों की भीड़ और मोबाइल कैमरों में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग पहले दूरी बनाकर खड़े रहे, लेकिन बाद में एक राहगीर ने आगे बढ़कर महिला को बचाने की कोशिश की।
घटना के दौरान पति लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह बार-बार कह रहा था कि उसका परिवार टूट गया है और उसके जीवन की कई साल पुरानी शादी खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। हालांकि, उसके लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी मामले में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र में कैसे बढ़ा विवाद?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच पहले किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। कुछ ही देर में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सड़क पर आ गया। इसी दौरान गुस्से में पति ने कथित तौर पर बेल्ट निकालकर महिला से मारपीट शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि महिला खुद को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि आसपास मौजूद लोग पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं। कुछ देर बाद एक व्यक्ति ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
मोबाइल छीना और सड़क पर फेंकने का भी आरोप
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विवाद के दौरान पति ने महिला के हाथ से मोबाइल फोन भी छीन लिया। इसके बाद मोबाइल को सड़क पर फेंक दिया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय कई लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।
पुलिसकर्मी की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग करता दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग उसे पुलिसकर्मी बता रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। न तो उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हुई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि वह ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी था या नहीं। पुलिस का कहना है कि वीडियो और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो के बाद उठे कई सवाल
इस घटना के बाद लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भीड़ मौजूद होने के बावजूद शुरुआत में किसी ने महिला को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में सबसे पहले संबंधित पुलिस को सूचना देना और सुरक्षित तरीके से पीड़ित की मदद करना जरूरी होता है। किसी भी विवाद में कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं माना जाता।






