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ये कैसी गजक बन रही थी? फैक्ट्री पर छापा, गंदगी देखकर अफसर भी हैरान

Written by:Bhawna Choubey
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फैक्ट्री बेहद गंदगी में चल रही थी और इसके पास कोई लाइसेंस भी नहीं था। फूड सेफ़्टी टीम ने मौके पर छापा मारकर पूरी यूनिट सील कर दी। अंदर से मिले कई खाने के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है, ताकि यह पता चल सके कि गजक लोगों के लिए कितनी हानिकारक थी।
ये कैसी गजक बन रही थी? फैक्ट्री पर छापा, गंदगी देखकर अफसर भी हैरान

इंदौर के खातीपुरा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब फ़ूड सेफ्टी विभाग ने सुमित गजक और कुल्फी फैक्ट्री पर छापा मारा। यह वही गजक है जिसे कई लोग रोज़ाना सर्दियों में चाय के साथ पसंद करते हैं। लेकिन जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने लोगों को हैरान कर दिया। कारखाने में गजक और कुल्फी ऐसे माहौल में तैयार हो रही थी, जिसे देखकर कोई भी अपना सिर पकड़ ले।

तिल, मूंगफली और गुड़ का उपयोग करने वाला यह कारखाना बेहद गंदी और अस्वच्छ जगह पर चल रहा था। उस पर से हैरानी की बात यह रही कि फैक्ट्री संचालक के पास फूड लाइसेंस तक नहीं था। कार्रवाई होते ही पूरा कारखाना बंद करा दिया गया और नमूने जांच के लिए भेजे गए।

सुमित गजक फैक्ट्री में मिली गंदगी

खातीपुरा स्थित सुमित गजक और कुल्फी कारखाने की जांच के दौरान फ़ूड सेफ्टी टीम को सबसे पहले उत्पादन स्थल की बदहाल स्थिति दिखाई दी। फर्श पर गंदगी, खुले में रखी सामग्री, आस-पास की अव्यवस्था और खराब स्वच्छता ने टीम को चौंका दिया। तिल गजक, मूंगफली दाना पट्टी और कुल्फी की तैयारी पूरी तरह अमानक स्थिति में हो रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि संचालक सुमित शिवहरे के पास फूड लाइसेंस भी मौजूद नहीं था, जबकि खाद्य सामग्री तैयार करना और बेचना बिना लाइसेंस पूरी तरह अवैध है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरा कारखाना तुरंत बंद करवाने के निर्देश दिए।

टीम ने लिए गुड़, तिल, मूंगफली गजक के सैंपल

कारखाने में मौजूद सामग्री की गुणवत्ता का अंदाजा लगाने के लिए टीम ने कई सैंपल लिए। इनमें शामिल हैं गुड़, तिल, तिल गजक, मूंगफली दाना पट्टी इन नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि इन उत्पादों में मिलावट थी या नहीं और क्या इन पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फ़ूड सुरक्षा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मानकों के खिलाफ काम करने वालों पर सख्त कदम जारी रहेंगे।

गणभोग फूड्स में भी निरीक्षण

इसी अभियान के दौरान टीम ने गणभोग फूड्स का भी निरीक्षण किया। यहाँ से राजगीरा लड्डू, तिल लड्डू के सैंपल जांच हेतु लिए गए। प्रारंभिक निरीक्षण में साफ-सफाई की स्थिति सामान्य मिली, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नमूने लेब में भेजे गए हैं। विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों की निरंतर निगरानी कर रहा है जो बड़े पैमाने पर मिठाइयाँ और मौसमी खाद्य सामग्री बनाते हैं।

मोती महल डीलक्स से भी लिए गए खाद्य नमूने

जांच सिर्फ छोटे कारखानों तक सीमित नहीं रही। टीम ने फिनिक्स सिटाडेल मॉल स्थित मोती महल डीलक्स रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। यहाँ से पनीर, चावल मैदा के सैंपल लिए गए हैं। रेस्टोरेंट की रसोई में स्वच्छता की स्थिति की भी जांच की गई। टीम के अनुसार नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग क्यों बढ़ा रहा है अभियान?

सर्दियों के मौसम में गजक, लड्डू, तिल उत्पाद और मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ती है। इसी समय कई कारखाने बिना लाइसेंस, खराब गुणवत्ता, गंदगी, मिलावट जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। इसलिए विभाग ने पूरे शहर में अभियान तेज कर दिया है। हाल के दिनों में मिलावट और अस्वच्छ उत्पादन मामलों में वृद्धि के बाद यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।

 

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Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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