मध्य प्रदेश में रिश्वत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन अलग-अलग जिलों से लोकायुक्त की कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला इंदौर से सामने आया है जहां लोक निर्माण विभाग के 2 अधिकारियों को 17 लाख के बिल के भुगतान के एवज में 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए इंदौर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

ये है पूरा मामला

यह कार्रवाई ग्वालियर के रामनगर में रहने वाले ओम एंटरप्राइज में लायजनिंग मैनेजर राघवेन्द्र सिंह गुर्जर की शिकायत पर की गई है। राघवेन्द्र ने लोकायुक्त को बताया कि सितम्बर 2025 में फर्म ने राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रीक का कार्य 20 लाख रुपये में लिया था और एक महीने में पूरा कर दिया था। कार्य का जीएसटी सहित 17 लाख रुप ये का भुगतान होना था, जिसके लिये बालकुमार जैन, सहायक यंत्री/ प्रभारी कार्यपालन अधिकारी ने 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये और धीरेन्द्र कुमार मीना उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी ने 2 प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। राघवेन्द्र ने यह शिकायत पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की थी, जिसके बाद टीम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन कराया और शिकायत सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई के लिए योजना बनाई। इसके बाद इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के इन दोनों अधिकारियों को 90 हजार रुपये (60 हजार और 30 हजार) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।

इन टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम

एसपी राजेश सहाय , कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, आदित्य भदौरिया, आशीष आर्य, शैलेन्द्र सिंह बघेल एवं श्रीकष्णा अहिरवार ।