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प्राइवेट स्कूल नहीं दे रहा था टीसी, जांचकर्ता सरकारी स्कूल प्रिंसिपल ने शिकायत निपटाने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Atul Saxena
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लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि आरोपी स्कूल प्रिंसिपल, प्राइवेट स्कूल संचालक को उसके स्कूल की मान्यता रद्द करवाने जैसी धमकी भी दे रहा था प्रिंसिपल ने शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही और दरकार 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। 
प्राइवेट स्कूल नहीं दे रहा था टीसी, जांचकर्ता सरकारी स्कूल प्रिंसिपल ने शिकायत निपटाने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Indore government school principal arrested taking bribe

इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक स्कूल प्रिंसिपल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, पुलिस अधिक्षक के निर्देश पर गई टीम ने आरोपी प्रिंसिपल से रिश्वत में ली गई रकम जब्त कर ली है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इंदौर के इदरिस नगर में रहने वाले रवि जायसवाल ने एसपी राजेश सहाय को एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने बताया कि वे एक प्राइवेट स्कूल के संचालक है और एक पेरेंट्स की शिकायत के निराकरण के लिए शासकीय स्कूल के प्रिंसिपल उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

आवेदक रवि जायसवाल ने बताया कि वे द इंटनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के संचालक हैं, उनके स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के पेरेंट्स ने स्कूल टीसी नहीं देने की शिकायत हमारे क्षेत्र के नोडल अधिकारी  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक 1 संयोगितागंज इंदौर के प्रिंसिपल राजकुमार चलानी से की थी।

शिकायत का निपटारा करने प्रिंसिपल ने मांगी रिश्वत

शिकायत के बाद राजकुमार चलानी मेरे स्कूल आये और कहा कि उस बच्चे की टीसी दे दो वर्ना उलझ जाओगे, मैं इस शिकायत का निराकरण कर दूंगा और उन्होंने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, रवि जायसवाल ने बताया शिकायती आवेदन मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर मुझे टेप दिया गया मैं राजकुमार चलानी से मिला उनसे रिश्वत की राशि कुछ करने का अनुरोध किया लेकिन वे कहने लगे मैं तो 10 हजार ही मांग रहा हूँ यदि बीआरसी के पास शिकायत भेज दी तो 50 हजार से कम वे नहीं लेंगे।

रिश्वत हाथ में आते ही दबोचे गए प्रिंसिपल  

लोकायुक्त पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात प्रमाणित हो गई जिसके बाद आज एक ट्रैप दल गठित किया गया और फरियादी रवि जायसवाल को 10 हजार रुपये लेकर राजकुमार चलानी के पास भेजा जहाँ राजकुमार चलानी ने अपने प्रिंसिपल चैंबर में रवि जायसवाल से 10 हजार रुपये ले लिए, रिश्वत की राशि उनके हाथ में आते ही बाहर छिपी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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