इंदौर शहर के लिए बहुप्रतीक्षित मेट्रो सेवा अब शुरू होने के बेहद करीब पहुंच गई है। लंबे समय से जिस मेट्रो परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब अंतिम चरण में है। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक बने 11.5 किलोमीटर मेट्रो ट्रैक पर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी यानी CMRS का अंतिम निरीक्षण शुरू हो गया है।
रविवार से शुरू हुए इस मेगा निरीक्षण के बाद यदि सब कुछ तय मानकों के अनुसार पाया गया तो इंदौर मेट्रो को यात्रियों के लिए जल्द ही हरी झंडी मिल सकती है। मेट्रो प्रबंधन का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक इस रूट पर कमर्शियल रन शुरू कर दिया जाए।
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इंदौर मेट्रो के 11.5 किलोमीटर हिस्से का होगा निरीक्षण
इंदौर मेट्रो परियोजना के इस महत्वपूर्ण चरण में CMRS नीलाभ्र सेनगुप्ता अपनी छह सदस्यीय टीम के साथ निरीक्षण कर रहे हैं। यह निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इस दौरान मेट्रो के पूरे 11.5 किलोमीटर हिस्से का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा।
यह निरीक्षण सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 2 से शुरू होकर लवकुश चौराहे और कुम्हेड़ी स्थित मेट्रो स्टेशन तक किया जाएगा। इसके बाद आगे के हिस्सों की भी जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों की सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं।
CMRS की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा मेट्रो संचालन
मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर की मंजूरी किसी भी मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब तक CMRS की टीम अपनी रिपोर्ट में सभी व्यवस्थाओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं बताती, तब तक मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू नहीं किया जा सकता।
इसी वजह से यह निरीक्षण इंदौर मेट्रो के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। यदि CMRS की टीम इस ट्रैक को सुरक्षित घोषित कर देती है, तो मेट्रो प्रबंधन यात्रियों के साथ कमर्शियल रन शुरू कर सकेगा।
मेट्रो के 11 स्टेशन और ट्रैक की होगी जांच
निरीक्षण के दौरान मेट्रो के कई तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की जांच की जाएगी। इसमें सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक बने 11 मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण शामिल है।
इसके अलावा वायडक्ट पर बने ट्रैक, स्टेशन के प्रवेश और निकासी द्वार, सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और रोलिंग स्टॉक की भी जांच की जाएगी।
यह पूरा निरीक्षण इसलिए किया जाता है ताकि मेट्रो संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी तकनीकी कमी को पहले ही दूर किया जा सके।
80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से होगा ब्रेक टेस्ट
CMRS टीम निरीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन की स्पीड और ब्रेकिंग सिस्टम की भी जांच करेगी। इसके लिए मेट्रो को सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 2 से रेडिसन स्टेशन तक लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। इस दौरान ट्रेन की ब्रेकिंग क्षमता, ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। यह परीक्षण मेट्रो संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक माना जाता है।
जूनियर टीम पहले ही कर चुकी है निरीक्षण
CMRS के अंतिम निरीक्षण से पहले उनकी जूनियर टीम भी मेट्रो ट्रैक का निरीक्षण कर चुकी है। पिछले दिनों हुई इस जांच में मेट्रो परियोजना के अधिकांश मानक पूरे पाए गए थे। यही कारण है कि अब फाइनल निरीक्षण के लिए CMRS खुद इंदौर पहुंचे हैं। इस निरीक्षण के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर मेट्रो संचालन की अनुमति दी जाएगी।
विजयनगर स्टेशन की दूसरी एंट्री का नहीं होगा निरीक्षण
मेट्रो निरीक्षण के दौरान विजयनगर स्टेशन की दूसरी एंट्री का निरीक्षण नहीं किया जाएगा। दरअसल विजयनगर थाने की ओर बनने वाला प्रवेश और निकासी गेट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल निरीक्षण में केवल तैयार हिस्सों को ही शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि जब यह दूसरा गेट पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तब उसका अलग से निरीक्षण किया जाएगा।