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अफ्रीका निवासी युवती को पुलिस ने पकड़ा, तलाशी में मिली 15 लाख से ज्यादा की कोकीन, स्टूडेंट वीजा पर रह रही मुंबई में

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Atul Saxena
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महिला के पास मिले पासपोर्ट से एक बात मालूम चली कि महिला स्टूडेंट वीजा पर भारत आई है और वर्तमान में मुंबई में नाला सोपारा में रह रही है। 
अफ्रीका निवासी युवती को पुलिस ने पकड़ा, तलाशी में मिली 15 लाख से ज्यादा की कोकीन, स्टूडेंट वीजा पर रह रही मुंबई में

मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एजेंसियों की नजर पैनी है, मुखबिर तंत्र मजबूत है जिसका अलाभ भी मिल रहा है, इसी क्रम में इंदौर पुलिस की नारकोटिक्स विंग ने एक अफ्रीकन महिला को पकड़ा है, तलाशी में उसके काबे से 31 ग्राम कोकीन मिली है जिसकी कीमत 15 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है।

इंदौर नारकोटिक्स विंग के डीआईजी महेशचंद्र जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इंस्पेक्टर हरीश सोलंकी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेसीडेंसी क्षेत्र में एक अफ़्रीकी महिला मादक पदार्थ कोकीन सप्लाई करने आने वाली है सूचना के बाद उन्होंने महिला इंस्पेक्टर राधा जामोद के साथ रेड प्लान की।

महिला के पास से मिली 31 ग्राम कोकीन 

इंस्पेक्टर सोलंकी और उनकी टीम मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर पहुंचे और मुखबिर द्वारा बताये हुलिए की महिला उन्हें दिखाई दी, पुलिस की टीम ने महिला को घेरकर उसे पकड़ लिया उसकी तलाशी लेने पर महिला ने विरोध किया लेकिन जब पुलिस ने तलाशी ली तो उसके कब्जे से 31 ग्राम से अधिक कोकीन बरामद हुई।

स्टूडेंट वीजा पर आई है भारत, मुंबई में रहती है  

महिला पुलिस टीम के साथ सहयोग नहीं कर रही थी उसका पासपोर्ट चैक करने पर उसका नाम लिंडा उम्र 25 वर्ष  निवासी वेस्ट अफ्रीका की जानकारी मिली, पासपोर्ट से एक बात और मालूम चली कि महिला स्टूडेंट वीजा पर भारत आई है और वर्तमान में मुंबई में नाला सोपारा में रह रही है।

महिला के नेटवर्क का पता लगा रही पुलिस 

पुलिस ने बताया कि महिला लिंडा बस के द्वारा मुंबई से इंदौर आई थी जिससे ऐसा लगता है कि वो पहले भी इंदौर आ चुकी है, पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला किसे कोकीन सप्लाई करने आई थी , पुलिस उसके दस्तावेज चैक कर रही है और मुंबई पुलिस एवं एम्बेसी से भी संपर्क कर रही है।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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