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इंदौर में प्लॉट खरीदने के लिए दिए 7.80 लाख रुपए, न रजिस्ट्री हुई न कब्जा मिला, शिकायत पर 2 आरोपियों के खिलाफ हुई FIR

इंदौर में प्लॉट खरीदने के लिए रकम देने के बाद भी खरीदार को न रजिस्ट्री मिली और न ही जमीन का कब्जा। दरअसल नंदबाग कॉलोनी में हुए इस सौदे में विजय चौहान ने 7 लाख 80 हजार रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
इंदौर में प्लॉट खरीदने के लिए दिए 7.80 लाख रुपए, न रजिस्ट्री हुई न कब्जा मिला, शिकायत पर 2 आरोपियों के खिलाफ हुई FIR

इंदौर के नंदबाग में प्लॉट खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल फरियादी विजय चौहान का आरोप है कि उन्होंने 9.30 लाख रुपए में प्लॉट खरीदने का सौदा किया था और इसके लिए 7.80 लाख रुपए भी दे दिए थे। इसके बावजूद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई और न ही उन्हें कब्जा मिला। वहीं शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने प्लॉट बेचने वाले नंदकिशोर मनावत और ब्रोकर धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज की है।

वहीं मामले में नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने पुलिस को बताया कि प्लॉट का सौदा तय होने के बाद उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम दी थी। एग्रीमेंट होने के बावजूद रजिस्ट्री और कब्जे की मांग पूरी नहीं हुई। शिकायत के अनुसार रकम वापस मांगने पर भी उन्हें पूरी राशि नहीं मिली। पुलिस अब दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

ब्रोकर ने कराई थी डील

विजय चौहान के मुताबिक धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह नंदबाग में अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने खरीदार और प्लॉट मालिक के बीच सौदा कराने में ब्रोकर की भूमिका निभाई। प्लॉट की कीमत 9 लाख 30 हजार रुपए तय हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस सौदे के लिए एग्रीमेंट भी किया गया और उन्होंने कुल 7 लाख 80 हजार रुपए नकद व ऑनलाइन माध्यम से दे दिए। धर्मेंद्र को ब्रोकर के तौर पर 10 हजार रुपए भी दिए गए थे।

दरअसल विजय चौहान का आरोप है कि रकम देने के बाद जब उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री कराने और कब्जा देने के लिए कहा तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। काफी समय तक मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। शिकायत के अनुसार इस दौरान भी समस्या का हल नहीं निकला। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

2.80 लाख रुपए लौटाए

वहीं शिकायतकर्ता विजय चौहान ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाया तो धर्मेंद्र ठाकुर ने कथित तौर पर धमकी दी। आरोप है कि धर्मेंद्र ने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा केस चल रहे हैं। उसने यह भी चेतावनी दी कि उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा। ये बातें शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताई हैं।

विजय चौहान के मुताबिक पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपए नकद और 30 हजार रुपए ऑनलाइन वापस किए। इस तरह कुल 2 लाख 80 हजार रुपए लौटाए गए जबकि बाकी 5 लाख रुपए वापस नहीं किए गए हैं। फरियादी का कहना है कि उन्होंने अपनी रकम वापस पाने और प्लॉट की रजिस्ट्री या कब्जा दिलाने के लिए कई बार मांग की लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।

Rishabh Namdev
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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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