मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए। इनमें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल कांड के समय तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाया गया है। इस नियुक्ति पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को घेरा है।
उन्होंने पिछले साल दिसंबर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई त्रासती का जिक्र करते हुए पूछा कि इतने गंभीर हादसे के बाद भी सरकार ने क्या सबक लिया। कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि क्या उनमें इंसानियत और नैतिकता बची है या नहीं।
क्या थी जांच रिपोर्ट में रोहित सिसोनिया की भूमिला
भागीरथपुरा जल त्रासदी के समय रोहित सिसोनिया इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त (जल प्रदाय) के पद पर पदस्थ थे। न्यायिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन बदलने से संबंधित 2.40 करोड़ रुपये के टेंडर की फाइल 15 अक्टूबर 2025 को सिसोनिया के पास पहुंची थी। उन्होंने फाइल पर ‘Discuss’ लिखकर संबंधित अधिकारी से चर्चा करने को कहा। यह चर्चा 18 दिसंबर को हुई और 26 दिसंबर को फाइल वित्तीय बोली खोलने की मंजूरी के लिए आगे बढ़ाई गई। इस प्रक्रिया में करीब 72 दिन लग गए।
जांच आयोग ने इस देरी को असामान्य और अनुचित माना। रिपोर्ट में फाइल की प्रक्रिया और उसे आगे बढ़ाने में हुई देरी के लिए कार्यपालन यंत्री संजीव कुमार श्रीवास्तव और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आई। वहीं, सिसोनिया की भूमिका को टेंडर की मंजूरी के स्तर पर और निगरानी के संदर्भ में देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाइपलाइन बदलने के काम में हुई देरी दूषित जल संकट के प्रमुख कारणों में से एक थी और समय पर काम पूरा होने पर इस घटना को रोकने की संभावना थी।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
अब रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाया गया है। इसपर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा है कि भागीरथपुरा के शोकाकुल परिवारों की पहली दीपावली भी अभी नहीं आई है और जवाबदेह अधिकारी को प्रमोशन दिया गया है। उन्होंने सरकार पर इस फैसले को लेकर संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता ने रोहित सिसोनिया की नई पदस्थापना पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उन्हें उनकी “उत्कृष्ट सेवाओं” के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। उन्होंने इंदौर की अस्मिता और शहर के लोगों के धैर्य का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर सरकार लोगों की भावनाओं की कितनी परीक्षा लेगी।
सरकार जी, कुछ इंसानियत और नैतिकता बची है भी या नहीं….⁉️
♦️दिसंबर, 2025 में इंदौर में जहरीले पानी पीने से 36 निर्दोष मौतें, 1400-1500 लोग उपचारार्थ विभिन्न अस्पतालों में दाख़िल,राज्य सरकार द्वारा न्यायिक जांच आयोग के गठन का स्वांग, जांच आयोग ने 25 अगस्त, 2026 को जांच रिपोर्ट… pic.twitter.com/cVxF2TWJeh
— KK Mishra (@KKMishraINC) October 14, 2026






