MP Breaking News
Google पर फॉलो करें

रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाने पर केके मिश्रा ने सरकार को घेरा, पूछा “इंसानियत और नैतिकता बची है या नहीं”

भागीरथपुरा जल त्रासदी के समय सिसोनिया इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त (जल प्रदाय) के पद पर पदस्थ थे। जांच में पाइपलाइन बदलने के काम में देरी को अहम वजहों में शामिल किया गया था। अब उनकी नई पदस्थापना को लेकर कांग्रेस ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
Bhopal md drug case, Congress questions

मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए। इनमें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल कांड के समय तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाया गया है। इस नियुक्ति पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को घेरा है।

उन्होंने पिछले साल दिसंबर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई त्रासती का जिक्र करते हुए पूछा कि इतने गंभीर हादसे के बाद भी सरकार ने क्या सबक लिया। कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि क्या उनमें इंसानियत और नैतिकता बची है या नहीं।

क्या थी जांच रिपोर्ट में रोहित सिसोनिया की भूमिला

भागीरथपुरा जल त्रासदी के समय रोहित सिसोनिया इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त (जल प्रदाय) के पद पर पदस्थ थे। न्यायिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन बदलने से संबंधित 2.40 करोड़ रुपये के टेंडर की फाइल 15 अक्टूबर 2025 को सिसोनिया के पास पहुंची थी। उन्होंने फाइल पर ‘Discuss’ लिखकर संबंधित अधिकारी से चर्चा करने को कहा। यह चर्चा 18 दिसंबर को हुई और 26 दिसंबर को फाइल वित्तीय बोली खोलने की मंजूरी के लिए आगे बढ़ाई गई। इस प्रक्रिया में करीब 72 दिन लग गए।

जांच आयोग ने इस देरी को असामान्य और अनुचित माना। रिपोर्ट में फाइल की प्रक्रिया और उसे आगे बढ़ाने में हुई देरी के लिए कार्यपालन यंत्री संजीव कुमार श्रीवास्तव और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आई। वहीं, सिसोनिया की भूमिका को टेंडर की मंजूरी के स्तर पर और निगरानी के संदर्भ में देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाइपलाइन बदलने के काम में हुई देरी दूषित जल संकट के प्रमुख कारणों में से एक थी और समय पर काम पूरा होने पर इस घटना को रोकने की संभावना थी।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

अब रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाया गया है। इसपर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा है कि भागीरथपुरा के शोकाकुल परिवारों की पहली दीपावली भी अभी नहीं आई है और जवाबदेह अधिकारी को प्रमोशन दिया गया है। उन्होंने सरकार पर इस फैसले को लेकर संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता ने रोहित सिसोनिया की नई पदस्थापना पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उन्हें उनकी “उत्कृष्ट सेवाओं” के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। उन्होंने इंदौर की अस्मिता और शहर के लोगों के धैर्य का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर सरकार लोगों की भावनाओं की कितनी परीक्षा लेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews
रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाने पर केके मिश्रा ने सरकार को घेरा, पूछा "इंसानियत और नैतिकता बची है या नहीं"