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रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी की भव्य तैयारी, रणजीत लोक के काम के बीच बनेगा साकेतधाम, भक्तों के लिए लगेंगे 20 कूलर

Written by:Banshika Sharma
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इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रणजीत लोक के निर्माण कार्य के चलते सीमित जगह होने के बावजूद मंदिर में अयोध्या के प्राचीन नाम 'साकेत' की थीम पर साकेतधाम बनाया जाएगा। भक्तों को गर्मी से राहत देने के लिए 15 से 20 कूलर भी लगाए जाएंगे।
रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी की भव्य तैयारी, रणजीत लोक के काम के बीच बनेगा साकेतधाम, भक्तों के लिए लगेंगे 20 कूलर

इंदौर के लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र, प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस साल मंदिर परिसर में चल रहे रणजीत लोक के निर्माण कार्य के कारण जगह सीमित है, लेकिन भक्तों के उत्साह और सुविधा को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की है। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा और अयोध्या के प्राचीन स्वरूप ‘साकेतधाम’ की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी।

मंदिर में बीते कई महीनों से रणजीत लोक का काम चल रहा है, जिसके चलते मुख्य द्वार और छोटी पार्किंग से प्रवेश बंद है। भक्तों को केवल बड़ी पार्किंग के रास्ते से ही प्रवेश दिया जा रहा है। रामनवमी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

साकेतधाम की थीम और विशेष सजावट

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर मंदिर में साकेतधाम का निर्माण किया जाएगा, जो अयोध्या का ही प्राचीन नाम है। उन्होंने कहा, “कलाकारों द्वारा प्लाई और कपड़े की मदद से साकेतधाम का स्वरूप तैयार किया जा रहा है, जिसका काम शुरू हो चुका है।” इसके अलावा पूरे मंदिर परिसर को फूलों से सजाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 26 मार्च से हो जाएगी।

“रणजीत लोक के काम के चलते जगह की कमी को देखते हुए अच्छे से अच्छे काम करने की कोशिश की जा रही है। साकेतधाम का स्वरूप दिया जाएगा, इसकी प्लानिंग और काम शुरू हो गया है।” — पंडित दीपेश व्यास, मुख्य पुजारी

गर्मी के मौसम को देखते हुए भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर परिसर में 15 से 20 कूलर लगाने की भी योजना है। दर्शन के लिए जिक-जैक पैटर्न में लाइन लगाई जाएगी ताकि भक्त आसानी से बाबा के दर्शन कर सकें।

सात दिवसीय अखंड रामायण और जन्मोत्सव

रामनवमी के धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत सुबह 6 बजे से होगी, जब मंदिर परिसर में सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। इसका समापन 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद होगा।

रामनवमी के दिन सुबह 8 बजे भगवान राम का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद उनका विशेष शृंगार होगा। ठीक दोपहर 12 बजे भगवान के जन्मोत्सव पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद प्रसाद वितरण होगा और शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया गया है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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