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Facebook विज्ञापन के झांसे में आए रिटायर्ड अफसर, 9 लाख के लालच में गंवाए 60 हजार

इंदौर में फेसबुक विज्ञापन के जरिए रिटायर्ड अफसर को 50 रुपए के पुराने नोट के बदले 9 लाख रुपए देने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से 60 हजार रुपए ठग लिए। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
Facebook विज्ञापन के झांसे में आए रिटायर्ड अफसर, 9 लाख के लालच में गंवाए 60 हजार

इंदौर में पुराने नोट के बदले लाखों रुपए मिलने का लालच एक रिटायर्ड अफसर को भारी पड़ गया। फेसबुक पर दिखे एक विज्ञापन के जरिए ठगों ने उनसे संपर्क किया और 50 रुपए के पुराने नोट के बदले 9 लाख रुपए मिलने की बात कही। इसके बाद उनसे 60 हजार रुपए ठग लिए गए।

मामला जूनी इंदौर थाना क्षेत्र का है। ठगी का अहसास होने के बाद रिटायर्ड अफसर ने पुलिस से शिकायत की। जूनी इंदौर पुलिस ने साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पैसों के ट्रांजेक्शन और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है।

फेसबुक विज्ञापन देखकर पुराने नोट बदलने का किया संपर्क

पुलिस को दी शिकायत में फरियादी ने बताया कि वह घर पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पुराने करेंसी नोट बदलने से जुड़े एक विज्ञापन पर पड़ी। विज्ञापन में पुराने नोट के बदले बड़ी रकम मिलने का दावा किया गया था।

फरियादी ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने उन्हें बताया कि अगर उनके पास 50 रुपए का सबसे पुराना नोट है तो उसके बदले उन्हें 9 लाख रुपए तक मिल सकते हैं। इतनी बड़ी रकम मिलने की बात सुनकर फरियादी उनके झांसे में आ गए।

9 लाख रुपए मिलने का लालच देकर 60 हजार की ठगी

पुराने नोट के बदले 9 लाख रुपए मिलने की बात कहकर आरोपियों ने फरियादी से अलग-अलग तरीके से पैसे लेने शुरू किए। इसी दौरान उनसे कुल 60 हजार रुपए की रकम ठग ली गई। पैसे देने के बाद जब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।

फरियादी ने ऑनलाइन शिकायत भी की। शिकायत मिलने के बाद जूनी इंदौर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर फ्रॉड का केस दर्ज किया। अब पुलिस उन नंबरों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया।

पुलिस जुटा रही ठगों के नंबर और ट्रांजेक्शन की जानकारी

मामले की जानकारी एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने दी। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इन जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फेसबुक पर पुराने नोट से जुड़ा विज्ञापन किसने डाला था और उसके जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया। साइबर ठगी के ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों की सच्चाई जांचना बेहद जरूरी है।

सोशल मीडिया के विज्ञापनों से रहें सावधान

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर पुराने नोट, सिक्के या किसी सामान के बदले लाखों रुपए मिलने का दावा करने वाले विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। ठग अक्सर ज्यादा पैसे मिलने का लालच देकर लोगों से पहले फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज, टैक्स या अन्य किसी बहाने से रकम जमा करवाते हैं।

इस मामले में भी पुराने 50 रुपए के नोट के बदले 9 लाख रुपए मिलने का लालच दिया गया था। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे भेजने से पहले उसकी पूरी जानकारी जांचना जरूरी है। बैंक खाते, मोबाइल नंबर या निजी जानकारी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

शकील अंसारी, इंदौर

Bhawna Choubey
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