इंदौर के इन 4 चौराहों पर अब नहीं चलेगी रॉन्ग साइड ड्राइविंग, लेफ्ट टर्न को बनाया जाएगा फ्री

इंदौर में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए हाई कोर्ट की समिति ने चार प्रमुख चौराहों पर नई व्यवस्था लागू करने की पहल की है। रसोमा, एलआईजी, लेंटर्न और हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर अब लेफ्ट टर्न फ्री रखने के साथ रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों पर रोक लगाई जाएगी।
इंदौर के इन 4 चौराहों पर अब नहीं चलेगी रॉन्ग साइड ड्राइविंग, लेफ्ट टर्न को बनाया जाएगा फ्री

इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए हाई कोर्ट की समिति ने चार प्रमुख चौराहों पर नया टेस्ट प्रोजेक्ट शुरू किया है।दरअसल ‘रसोमा, एलआईजी, लेंटर्न और हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर लेफ्ट टर्न फ्री रखा जाएगा। इसके लिए रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों पर रोक लगेगी और रास्ते में बाधा बन रहे स्पीड ब्रेकर हटाए जाएंगे। प्रयोग सफल रहा तो शहर के दूसरे चौराहों पर भी यही व्यवस्था लागू की जा सकती है।

दरअसल ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के लिए हाई कोर्ट की ओर से गठित सात सदस्यीय समिति ने शनिवार को पहली बैठक की। अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल हुए। शहर के प्रमुख चौराहों की स्थिति पर चर्चा के बाद चार जगहों को शुरुआती प्रयोग के लिए चुना गया।

इंदौर के इन 4 चौराहों पर लागू होगा नया ट्रैफिक प्लान

नए ट्रैफिक प्लान के तहत रसोमा चौराहा, एलआईजी चौराहा, लेंटर्न चौराहा और हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखा जाएगा। समिति के अध्यक्ष राहुल सेठी के मुताबिक, इन चौराहों पर लेफ्ट टर्न की तरफ सबसे ज्यादा जाम लगता है। कई बार वाहन मुड़ने के लिए जगह नहीं मिलने से पीछे तक ट्रैफिक रुक जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए लेफ्ट साइड से वाहनों की आवाजाही आसान बनाई जाएगी। इसके लिए रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों को रोकने की व्यवस्था होगी। साथ ही चौराहों पर लगे उन स्पीड ब्रेकर को हटाया जा रहा है जिनसे ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होती है। शनिवार से ही इन चारों जगहों पर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

टेस्ट प्रोजेक्ट के बाद दूसरे चौराहों पर भी लागू हो सकता है प्लान

वहीं समिति इन चारों चौराहों पर नई व्यवस्था के नतीजों का आकलन करेगी। देखा जाएगा कि लेफ्ट टर्न फ्री रखने और रॉन्ग साइड पर रोक लगाने से जाम की स्थिति में कितना बदलाव आता है। यदि प्रयोग सफल रहता है तो शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे लागू किया जा सकता है। समिति ने पहले गठित की गई ट्रैफिक सुधार समिति की रिपोर्ट भी मंगवाई है। इसके जरिए पुराने सुझावों और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा शहर में हर महीने ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। समिति की अगली बैठक 10 नवंबर को होगी। वहीं इंदौर की यातायात व्यवस्था से जुड़ी याचिकाओं पर हाई कोर्ट में 30 नवंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस दौरान समिति अपने टेस्ट प्रोजेक्ट और ट्रैफिक सुधार के प्रयासों की रिपोर्ट पेश कर सकती है।

हाई कोर्ट की समिति में ये 7 सदस्य है शामिल

दरअसल ट्रैफिक सुधार के लिए बनाई गई समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी कर रहे हैं। इसके अलावा शासकीय अधिवक्ता डॉ. अमित भाटिया, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर स्मार्ट सिटी के CEO, डीसीपी ट्रैफिक और IIT दिल्ली के सिविल इंजीनियर अंशुल अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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