इंदौर में चिराग सेन की मौत के मामले में शुक्रवार को परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। दरअसल परिजनों का आरोप है कि चिराग ने अपनी महिला मित्र निशा की प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खाया था। उन्होंने महिला मित्र के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे भी आत्महत्या कर लेंगे। अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनने के बाद उन्हें खजराना थाने भेज दिया। इसी दिन रक्षित चौकड़े की हत्या के मामले में भी परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

दरअसल बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले चिराग सेन ने रविवार रात खजराना इलाके में जहर खा लिया था और सोमवार रात उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने उसकी महिला मित्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरे मामले में एमआईजी क्षेत्र में रक्षित चौकड़े की हत्या को लेकर परिवार ने आरोपियों को फांसी देने, केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और उनके अवैध मकानों को तोड़ने की मांग की।

चिराग सेन की मौत पर परिजनों ने कार्रवाई की मांग की

जानकारी के मुताबिक चिराग सेन बाणगंगा मेन रोड का रहने वाला था। उसने रविवार रात खजराना इलाके में जहर खा लिया था। सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने वृंदावन कॉलोनी के बाहर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। इस मामले में चिराग की महिला मित्र निशा का नाम सामने आया था।

शुक्रवार को कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन दलित नेता मनोज परमार के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनकी शिकायत पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों का आरोप है कि चिराग अपनी महिला मित्र से परेशान था और उस पर जान देने का दबाव बनाया गया था। परिजनों ने कहा कि अगर निशा के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई तो वे भी अपनी जान दे देंगे। उनकी चेतावनी के बाद अधिकारियों ने उनसे बात की और समझाया। इसके बाद उन्हें शिकायत और आगे की कार्रवाई के लिए खजराना थाने भेज दिया गया। परिजन महिला मित्र के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।

रक्षित चौकड़े हत्याकांड में फांसी की मांग

वहीं इसी दिन इंदौर के एमआईजी क्षेत्र में रक्षित चौकड़े की हत्या के मामले में भी परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। परिवार की मांग है कि केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि मामले की सुनवाई तेजी से की जा सके। वहीं परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग भी की। इसके अलावा उन्होंने आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी। परिवार का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान एसीपी प्रीति तिवारी ने परिजनों से ज्ञापन लिया और उनकी मांगों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया।