
Commission for Protection of Child Rights raids madrasa in Gwalior
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में AG ऑफिस के पास संचालित “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम वहां औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गई, टीम ने जब यहाँ निरीक्षण किया तो उसे बहुत खामियां मिलीं, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे-बच्चियों की सुरक्षा से लेकर शौचालय, किचिन जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं मिलीं।
मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा ने आज शुक्रवार को “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” का औचक निरीक्षण किया, मीडिया से बात करते हुए बताया कि आयोग को एक शिकायत मिली थी जिसके आधार पर यहाँ टीम जाँच करने आई है और शिकायत में कही गई बातें काफी हद तक सही निकली हैं।
बालिकाएं कमरे में बंद मिलीं, टीम ने बाहर निकाला
डॉ निवेदिता शर्मा ने बताया यहाँ हमें करीब 15 बालक और 8 बालिकाएं मिलीं लेकिन बड़ी बात ये है कि हमारी टीम को मदरसे में मौजूद लोगों ने बालिकाओं के रहने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी उनके मुताबिक मदरसे में केवल बालक ही रहते हैं लेकिन जब हमें जांच की तो बालिकाएं एक कमरे में बंद मिलीं जिन्हें बाहर निकाला गया।
शौचालय के गेट टूटे मिले, सुरक्षा के इंतजाम नहीं, खाना भी खुले में मिला
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने बताया कि यहाँ कई तरह की खामियां मिलीं हैं बच्चों के लिए कोई सुविधा नहीं है, बिस्तर नहीं हैं, नहाने के लिए सुविधा नहीं है शौचालय के गेट टूटे हुए हैं, खाना खुले में रखा मिला, यहाँ तक की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है जबकि मदरसे में बनी मस्जिद में पांच वक्त की नमाज के लिए लोग आते हैं शुक्रवार की नमाज के लिए बहुत लोग आते हैं।
मदरसे का संचालन रोका, शासन को कार्रवाई के निर्देश दिए
डॉ निवेदिता शर्मा ने बताया हमने बच्चों को आयोग के संरक्षण में ले लिया है उन्हें उम्र के हिसाब से बालक गृह, बालिका गृह और शिशु गृह भेज दिया है, आयोग ने खामियों को देखते हुए “अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति” द्वारा संचालित “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” के संचालन को रोक दिया है और शासन को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

