ग्वालियर में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम का मदरसे पर एक्शन, मिलीं कई खामियां, बच्चे-बच्चियों को संरक्षण में लिया, शासन को कार्रवाई के निर्देश

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच में सामने आया कि कोई भी बच्चा नियमित स्कूली शिक्षा ग्रहण करता हुआ नहीं मिला, फिलहाल मदरसे का संचालन बंद कराते हुए बच्चों को आयोग ने अपने संरक्षण में ले लिया है, बताया गया कि मदरसे में एमपी के अलावा यूपी और राजस्थान के बच्चे भी पढ़ते और रहते हैं।
Commission for Protection of Child Rights raids madrasa in Gwalior

Commission for Protection of Child Rights raids madrasa in Gwalior

ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में AG ऑफिस के पास संचालित “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम वहां औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गई, टीम ने जब यहाँ निरीक्षण किया तो उसे बहुत खामियां मिलीं, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे-बच्चियों की सुरक्षा से लेकर शौचालय, किचिन जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं मिलीं।

मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा ने आज शुक्रवार को “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” का औचक निरीक्षण किया, मीडिया से बात करते हुए बताया कि आयोग को एक शिकायत मिली थी जिसके आधार पर यहाँ  टीम जाँच करने आई है और शिकायत में कही गई बातें काफी हद तक सही निकली हैं।

बालिकाएं कमरे में बंद मिलीं, टीम ने बाहर निकाला 

डॉ निवेदिता शर्मा ने  बताया यहाँ हमें करीब 15 बालक और 8 बालिकाएं मिलीं लेकिन बड़ी बात ये है कि हमारी टीम को मदरसे में मौजूद लोगों ने बालिकाओं के रहने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी उनके मुताबिक मदरसे में केवल बालक ही रहते हैं लेकिन जब हमें जांच की तो बालिकाएं एक कमरे में बंद मिलीं जिन्हें बाहर निकाला गया।

शौचालय के गेट टूटे मिले, सुरक्षा के इंतजाम नहीं, खाना भी खुले में मिला  

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने बताया कि यहाँ कई तरह की खामियां मिलीं हैं बच्चों के लिए कोई सुविधा नहीं है, बिस्तर नहीं हैं, नहाने के लिए सुविधा नहीं है शौचालय के गेट टूटे हुए हैं, खाना खुले में रखा मिला, यहाँ तक की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है जबकि मदरसे में बनी मस्जिद में पांच वक्त की नमाज के लिए लोग आते हैं शुक्रवार की नमाज के लिए बहुत लोग आते हैं।

मदरसे का संचालन रोका, शासन को कार्रवाई के निर्देश दिए 

डॉ निवेदिता शर्मा ने बताया हमने बच्चों को आयोग के संरक्षण में ले लिया है उन्हें उम्र के हिसाब से बालक गृह, बालिका गृह और शिशु गृह भेज दिया है, आयोग ने खामियों को देखते हुए  “अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति” द्वारा संचालित “मदरसा ए दारुल उल कुरआन” के संचालन को रोक दिया है और शासन को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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