मध्य प्रदेश में छात्रों का आंदोलन अब राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और अन्य जिलों तक फैल चुका है। दरअसल दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदेश के अलग-अलग शहरों में लगातार धरना, प्रदर्शन, रैली और ज्ञापन का दौर जारी है। आंदोलन में छात्रों के साथ बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी शामिल हो रहे हैं। वहीं बढ़ती भीड़ और लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इंदौर में आंदोलन स्थल की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों में भी पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दरअसल प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे लंबा छात्र आंदोलन इस समय इंदौर में चल रहा है। बता दें कि टंट्या भील चौराहे पर 30 जून को केवल पांच छात्रों ने शांतिपूर्ण धरने की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह प्रदर्शन सीमित दायरे में था लेकिन धीरे-धीरे इसमें छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ती गई। अब प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
इंदौर में चल रहे आंदोलन में डॉ हीरालाल अलावा @HIRA_ALAWA शामिल होकर छात्रों की आवाज को ताकत दी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तय है।@Cockroachisback @CJP_for_India#Indore #CJP #StudentProtest #GenZWithBharat pic.twitter.com/UUuCZYLD1A
— Rajendra Chouhan Bagh (@rchouhan_bagh) July 25, 2026
वहीं लगातार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी धरना स्थल नहीं छोड़ रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई बार कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया और विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए। प्रदर्शन में शामिल छात्र परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरअसल इस आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से की गई है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है।
भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 20 जिलों में प्रदर्शन, छात्रों का बढ़ता समर्थन
इतना ही नहीं इंदौर के अलावा भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, छिंदवाड़ा, रतलाम, देवास, सतना, कटनी, मंदसौर, खरगोन, शिवपुरी, विदिशा और अन्य जिलों में भी छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं। कई स्थानों पर रैलियां निकाली जा रही हैं, जबकि कहीं शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
विभिन्न जिलों में छात्रों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और युवाओं का विश्वास बहाल करने की मांग की है। कई जगहों पर छात्र संगठनों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
दरअसल लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। इंदौर में ड्रोन कैमरों से निगरानी के अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सके।






