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Indore : बेटी का ससुराल ना लौटना पिता को पड़ा महंगा, दामाद ने उठाया खौफनाक कदम, जाने मामला

Written by:Amit Sengar
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इंदौर, आकाश धोलपुरे। अगर हम कुछ समय पहले की बात करें तो पत्नी मायके जाने के लिए पति को कैसे भी मना बुझा लेती थी। और पति भी मान जाता था। लेकिन अब हालात बहुत बदल गए हैं। मामूली सी बात पर लोगो का गुस्सा रिश्तों को दरकिनार कर सातवें आसमान पर पहुंच जाता हैं। जिससे रिश्तों में दरार पड़ जाती हैं। ऐसा ही मामला इंदौर (indore) में देखने को मिला हैं, जहाँ दामाद ने अपने 2 साथियों के साथ मिलकर अपने ससुर की हत्या कर दी।

बता दें कि इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई हैं। जिसने रिश्तों को तार तार कर दिया हैं। हुआ यूं कि दामाद को 2 महीने से मायके में रह रही अपनी पत्नी का ससुराल न लौटना इतना नागवार गुजरा की उसने गुरुवार को ससुराल पहुंचकर अपने 2 साथियों के साथ घर मे घुसकर अपने ससुर की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

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पुलिस के मुताबिक, घटना खुड़ैल के तिल्लौर बुजुर्ग के ग्राम नासिर पठान ग्राम की हैं। जहां एक दिन पहले आरोपी दामाद मुकेश पिता रायसिंह वास्कले निवासी सिमरोल अपने दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया हैं। बताया जा रहा है, कि आरोपी दामाद मुकेश अपनी पत्नी भूरी बाई द्वारा घर छोड़कर चले जाने से वो नाराज था। और वो पत्नी वियोग का दोषी अपने 65 वर्षीय ससुर नाहर सिंह को मानता था।

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ज्ञातव्य हैं कि करीब 2 माह से पत्नी घर नही लौट रही थी। लिहाजा, गुरुवार को दामाद मुकेश ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर ससुराल पर धावा बोल दिया। वही घर मे घुसते से ही ससुर पर चाकुओं से जानलेवा हमला किया और मौके से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद ससुर ने कुछ ही लम्हों में दम तोड़ दिया और मृतक नाहर सिंह की पत्नी लीलाबाई ने खुड़ैल थाने पर एफआईआर दर्ज कराई। तभी पुलिस अलर्ट मोड पर आई। चंद घण्टों बाद ही एडिशनल एसपी पुनीत गहलोद की टीम द्वारा दामाद और उसके साथियों को इंदौर के देवगुराड़िया बायपास से गिरफ्तार कर लिया और उनको जेल भेज दिया।

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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