इंदौर शहर में आयोजित तीन दिवसीय ‘वाणी साहित्य उत्सव 2026’ की काफी चर्चा चल रही है। आज इस बड़े साहित्यिक आयोजन का आखिरी दिन है, जिसमें साहित्य प्रेमियों के लिए एक से बढ़कर एक शानदार कार्यक्रम रखे गए हैं।
दरअसल आज के इस अंतिम दिन कविता, व्यंग्य, अनुवाद, सिनेमा, कॉपीराइट और संविधान जैसे गंभीर और दिलचस्प विषयों पर कई खास सत्र होने वाले हैं। सुबह की शुरुआत शानदार कविताओं और मुशायरे के ओपन माइक से होगी, जिससे माहौल पूरी तरह साहित्यिक रंग में रंग जाएगा।
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शरद जोशी की किताबों का होगा विमोचन
आज के कार्यक्रमों में मशहूर व्यंग्यकार शरद जोशी की दो किताबों ‘छोटी मछलियों का शिकारी’ और ‘बड़ा देश, बड़ा झूठ’ का विमोचन किया जाएगा। इस खास मौके पर मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के बच्चे मंच पर बेहतरीन व्यंग्य पाठ करके सबको दिखाएंगे।
इस पूरे सत्र की अध्यक्षता सरोज कुमार करेंगे, जबकि नंद किशोर बरवे, नीरजा जैन और जवाहर चौधरी वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम का संचालन सुशील जौहरी बहुत ही सहज तरीके से पूरा करेंगे।
कॉपीराइट और रॉयल्टी पर होगी खुलकर बात
साहित्य जगत में लेखकों की कमाई और उनकी रचनाओं के हक को लेकर आज एक बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र रखा गया है। ‘कलम, कानून और कमाई’ नाम के इस सत्र में कॉपीराइट और रॉयल्टी से जुड़े तमाम जरूरी पहलुओं पर खुलकर बातचीत की जाएगी।
दरअसल इस चर्चा में ऋत्विक पारिख, प्रभात रंजन, सत्य व्यास और अरुण माहेश्वरी जैसे जाने-माने नाम शामिल होंगे। इस पूरे सत्र का संचालन अदिति माहेश्वरी करेंगी जो प्रकाशन जगत की बारीकियों पर रोशनी डालेंगी।
अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर होगी चर्चा
आज के सबसे बड़े आकर्षणों में पूर्व केंद्रीय मंत्री और लेखक डॉ. शशि थरूर की मौजूदगी में ‘हमारा जीवंत संविधान’ किताब का लोकार्पण शामिल है। इसके अलावा अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और उनके इतिहास पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
इस आखिरी सत्र में डॉ. शशि थरूर के साथ रामेश्वर राय, प्रभात रंजन, अभय कुमार दुबे, धरा पांडेय और अरुण माहेश्वरी मंच साझा करेंगे। तीन दिन तक चले इस महाकुंभ के समापन पर साहित्य प्रेमियों को एक साथ कई दिग्गज लेखकों को सुनने का मौका मिलेगा।
