
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में नए निर्माण के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार की सुबह शहर के बेगमबाग क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई देखने को मिली। महाकाल मंदिर स्थित इस मार्ग पर लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी।
दरअसल, इस क्षेत्र में स्थिति हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण किया जाना है। वहीं यहां से निकलने वाले मंदिर मार्ग पर कुछ कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन कार्यों में बाधक बन रहे 11 मकानों पर निगम की कार्रवाई देखने को मिली।
बेगमबाग में निगम की कार्रवाई
आज सुबह उज्जैन विकास प्राधिकरण की टीम बेगम बाग क्षेत्र में जेसीबी और पोकलेन मशीन के साथ पहुंची। इस दौरान UDA के साथ नगर निगम और पुलिस का अमला भी मौके पर तैनात था। विकास प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि ये मकान हरिफाटक ब्रिज की चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। यह सारे भूखंड लीज पर दिए गए थे, जिनकी लीज पहले ही निरस्त की जा चुकी है। जिनके मकान प्रभावित हुए हैं उन्हें पहले ही कार्रवाई की सूचना दे दी गई थी। इनमें रहने वालों के सामान हटाने के बाद ही ये कार्रवाई की गई है।
यहां 45 प्लॉट पर 90 निर्माण
बता दें कि UDA ने दिलबाग में 45 भूखंड 30 साल की लीज पर लोगों को आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। इनमें से हर एक की साइज 2400 वर्ग फीट थी। लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इनका व्यावसायिक उपयोग किये जाने और इन्हें दो दो हिस्सों में बांटकर 90 निर्माण करने की जानकारी विकास प्राधिकरण ने दी है। इन भूखंडों की लीज भी 15 साल पहले ही खत्म हो गई थी। न्यायलय में मामला लंबित होने के कारण स्टे लगा था। जिस वजह से कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अब स्टे समाप्त हो गया है और प्राधिकरण कब्जे हटा रहा है।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब विकास प्राधिकरण ने बेगम बाग क्षेत्र में कार्रवाई की है। इसके पहले यहां से 72 मकान हटाए जा चुके हैं। अब एक बात पर 11 मकान पर कार्रवाई की गई है। जिसके बाद यह संख्या 83 पहुंच गई है।

