ईरान के राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र पर कई दशकों तक मजबूत पकड़ बनाए रखने वाले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से दुनिया भर में हलचल मच गई थी। वहीं उनकी अंतिम विदाई का कार्यक्रम 9 जुलाई को रखा गया है, जिसके लिए दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इसी क्रम में भारत के प्रमुख नेताओं को भी निमंत्रण मिला है।
मिली जानकारी के अनुसार, ईरान ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। यह जानकारी भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से सामने आई है, जो भारत-ईरान संबंधों के महत्व को दिखाती है।
अमेरिका-इजरायल के हमलों में हुआ था अयातुल्ला खामेनेई का निधन
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों में अयातुल्ला खामेनेई का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था। यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच लगातार बने राजनयिक संबंधों को दिखाता है।
अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। इनमें 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम शहरों में विशेष कार्यक्रम होंगे। ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, अंतिम विदाई में करीब 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए पूरे तेहरान में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। शहर के कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित रहेगी, ताकि व्यवस्था बनी रहे।
4 और 5 जुलाई को तेहरान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को राजधानी तेहरान और मध्य ईरान के शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शिया समुदाय की गहरी आस्था और दिवंगत नेता के प्रति सम्मान का प्रतीक होगी। कार्यक्रम का अंतिम चरण 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में पूरा होगा, जहां दिवंगत नेता को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
अयातुल्ला खामेनेई का निधन 86 वर्ष की उम्र में हुआ। उन्होंने पिछले 36 वर्षों तक ईरान पर मजबूत पकड़ के साथ शासन किया, जिससे वे देश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण नेता बन गए।






