नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के 16 शहरों से सीधे जुड़ गया है। हाल ही में इस एयरपोर्ट से 11 और नए शहरों के लिए घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं। यह यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों को अब तेज और सुविधाजनक हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इन नई उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों को दिल्ली के अन्य एयरपोर्ट पर अपनी निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
एयरपोर्ट से अब जयपुर, श्रीनगर, भोपाल, जोधपुर, धर्मशाला, देहरादून, पंतनगर, चंडीगढ़, बरेली और किशनगढ़ जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। इंडिगो एयरलाइंस ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए इन 11 नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू की हैं। इन शहरों में बरेली और किशनगढ़ के लिए सेवाएं सप्ताह के तय दिनों में संचालित होंगी। शेष शहरों के लिए नियमित शेड्यूल के अनुसार उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। यह यात्रियों को उनकी यात्रा योजना बनाने में लचीलापन देगा।
नोएडा एयरपोर्ट से अब 16 शहरों तक पहुंचा हवाई नेटवर्क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों का संचालन 15 जून से शुरू हुआ था। शुरुआत में एयरपोर्ट से बेंगलुरु, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद और जम्मू के लिए फ्लाइट सेवाएं शुरू की गई थीं। अब 11 नए शहर जुड़ने के बाद, एयरपोर्ट से संचालित होने वाले घरेलू रूटों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है। वर्तमान में, इंडिगो और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आने वाले समय में एयर इंडिया एक्सप्रेस के भी यहां से उड़ानें शुरू करने की प्रबल संभावना है। यह भविष्य में यात्रियों के लिए और अधिक विकल्प उपलब्ध कराएगा।
नई उड़ानों के प्रति यात्रियों में उत्साह
नई उड़ानों के प्रति यात्रियों का उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। विशेष रूप से बेंगलुरु और जोधपुर जाने वाली फ्लाइट्स के लिए सबसे अधिक बुकिंग दर्ज की गई है। बेंगलुरु की उड़ान में लगभग 95 फीसदी सीटें पहले ही बुक हो चुकी थीं। वहीं, जोधपुर रूट पर 83 फीसदी सीटें भर गईं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इन रूटों पर यात्रियों की मांग काफी अधिक है। यह एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता का प्रमाण है।
नए रूटों से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा बढ़ावा
नए शहरों के जुड़ने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को नई गति मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट धीरे-धीरे उत्तर भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनता जा रहा है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात के दबाव को भी कम करेगा। आने वाले महीनों में और नए रूट जुड़ने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को यात्रा के लिए और अधिक विकल्प मिलेंगे। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यात्रियों को अब सीधे इन शहरों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी, जिससे समय और प्रयास दोनों की बचत होगी। यह एयरपोर्ट क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है।






