ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का किया ऐलान, जानें वजह

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता का दौर और गहरा गया है। अब लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहम नए प्रधानमंत्री की दौड़ में सबसे आगे हैं।
Keir Starmer

ब्रिटेन की सियासत में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। यह खबर ऐसे समय आई है जब पिछले 10 सालों में ब्रिटेन ने कई प्रधानमंत्रियों को कुर्सी छोड़ते देखा है, और अब कीर स्टार्मर इस लिस्ट में शामिल होने वाले छठे प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस ऐलान के साथ ही ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता का दौर और गहरा गया है। कीर स्टार्मर ने देश के नाम अपने संबोधन में यह घोषणा की कि वे अपने पद से हट रहे हैं, हालाँकि अगले प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वे कार्यवाहक (केयरटेकर) पीएम के तौर पर काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस महत्वपूर्ण फैसले के बारे में उन्होंने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से बात भी कर ली है।

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, लेबर पार्टी के लीडर और देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर एंडी बर्नहम का नाम सबसे आगे चल रहा है। बर्नहम को ही अब कीर स्टार्मर की जगह लेने वाला प्रबल दावेदार माना जा रहा है। कीर स्टार्मर ने अपने संबोधन के आखिर में काफी भावुक होकर अपनी बात रखी। उनकी आवाज भर्रा गई थी जब उन्होंने कहा, “अब मेरी पार्टी यह सवाल पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हूं। मैंने इस सवाल पर अपनी संसदीय पार्टी का जवाब सुन लिया है और मैं उस जवाब को सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं।” इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि वे सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे रहे हैं। स्टार्मर ने दोहराया कि नए लेबर नेता के चुनाव होने तक, जो कि अगले कुछ हफ्तों में होगा, वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे।

कीर स्टार्मर ने क्यों लिया इस्तीफे का फैसला?

सवाल यह उठता है कि आखिर कीर स्टार्मर को अपनी कुर्सी क्यों छोड़नी पड़ी? दरअसल, पिछले कुछ दिनों से उन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था कि वे लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दें। इस दबाव के पीछे मुख्य वजह एंडी बर्नहम का तेजी से बढ़ता कद था, जिन्हें नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले हफ्ते उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहम ने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंदी को हराकर एक बड़ी जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा और भी मजबूत हो गया था। अब उन्हें ही सत्ताधारी लेबर पार्टी का अगला नेता और ब्रिटेन का नया पीएम माना जा रहा है।

विवादों और बढ़ते असंतोष ने छीनी कीर स्टार्मर की प्रधानमंत्री की कुर्सी

गौरतलब है कि कीर स्टार्मर ने जुलाई 2024 के आम चुनाव में 174 सीटों के बड़े बहुमत के साथ शानदार जीत हासिल की थी। यह एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के पिछले कुछ महीनों में कई विवादों ने उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया। इन विवादों में सबसे प्रमुख था लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता पीटर मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाना। मेंडलसन के दोषी यौन अपराधी जेफरी एप्सटीन से संबंधों की जानकारी पहले से ही सार्वजनिक थी, इसके बावजूद उन्हें यह महत्वपूर्ण पद दिया गया। इसके अलावा, टैक्स और सामाजिक कल्याण योजनाओं यानि सोशल बेनिफिट्स को लेकर सरकार के कुछ फैसलों और बाद में उन पर यू-टर्न लेने से भी उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा।

मेकरफील्ड उपचुनाव की जीत से एंडी बर्नहम का कद और बढ़ा

दूसरी तरफ, एंडी बर्नहम का राजनीतिक करियर काफी मजबूत रहा है। वे पहले कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और बाद में उन्होंने ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई। मेकरफील्ड उपचुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा कि यह जीत लेबर पार्टी के लिए “बदलाव का आखिरी मौका” है। उन्होंने यह वादा भी किया कि वे “ब्रिटेन के लिए एक नया रास्ता पेश करेंगे।” अब देखना होगा कि ब्रिटेन की राजनीति में यह नया बदलाव क्या रंग लाता है और एंडी बर्नहम के नेतृत्व में लेबर पार्टी और ब्रिटेन किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

Ankita Chourdia
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