चीन ने मांगी कोर्ट से 20000 नागरिकों को मारने की अनुमति !

चीन ने मांगी कोर्ट से 20000 नागरिकों को मारने की अनुमति !

विदेश।

शुक्रवार को  चीन की सर्वोच्च अदालत कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए एक बड़ा निर्णय ले सकती है। दरअसल चीन की सरकार ने तर्क दिया है कि इस वायरस के चलते जो लोग पीड़ित हुए हैं उनका बचना नामुमकिन है और सिर्फ उनकी जिंदगी को कुछ और लंबा किया जा सकता है। ऐसे में उनकी सेवा कर रहे हेल्थ वर्कर्स भी रोजाना इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं ।

अब आज कोर्ट क्या निर्णय देती है ,यह देखने वाली बात होगी। चीन की सरकार ने कोर्ट को यह तर्क भी दिया है कि अगर वायरस पीड़ितों को नहीं मारा गया तो हमें अपनी पूरी आबादी से हाथ धोना पड़ेगा ।हालांकि चीन पहले भी इस वायरस को लेकर मानव अधिकारों के उल्लंघन को लेकर कई संगठनों के निशाने पर है और यह भी माना जा रहा है कि चीन ने बहुत सारे लोगों को, जो वायरस पीड़ित थे, मार भी दिया है ।यह जानकारी एबीटीसी डॉट कॉम एम एस ई एम जी एच डॉट कॉम पर दी गई है ।इधर चीन में एक समस्या और आ गई है ।दरअसल वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग मास्क पहन कर निकल रहे हैं जिसके कारण फेस आईडी सिस्टम फेल हो गया है ।दरअसल चीन में ज्यादातर सिस्टम ऐसे हैं जिसमें फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाती है जो ढका हुआ चेहरा पहचानने में केवल 55 फ़ीसदी ही सक्षम है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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