ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, फिर दी ‘गंभीर परिणाम’ भुगतने की चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई जारी रखने पर तेहरान सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने की खुली धमकी दी है।
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, फिर दी 'गंभीर परिणाम' भुगतने की चेतावनी

ईरान में हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। डेट्रॉइट में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि अगर ईरानी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसा और हत्याएं जारी रखती है, तो उसे इसके ‘गंभीर परिणाम’ भुगतने होंगे। ट्रंप का यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत और कुछ को फांसी दिए जाने का दावा किया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि अमेरिका ईरान के मौजूदा हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ‘अगर हजारों लोगों को मारा जा रहा है और अब फांसी की बातें सामने आ रही हैं तो यह ईरान के लिए अच्छा साबित नहीं होगा।’ हालांकि, उन्होंने किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई का ऐलान नहीं किया, लेकिन उनके तेवर बेहद सख्त थे।

मानवाधिकार संगठनों के डराने वाले आंकड़े

ईरान में चल रहा यह आंदोलन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और देश के 187 शहरों में फैल गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 505 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं। इस संघर्ष में 133 सुरक्षाकर्मियों और कई आम नागरिकों की भी जान गई है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

आर्थिक प्रतिबंधों का बड़ा ऐलान

ईरान पर दबाव बनाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े आर्थिक फैसले की भी घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने इस आदेश को एक निर्णायक कदम बताया है, जिसका मकसद ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करना है।

कूटनीति और हवाई हमले, दोनों विकल्प खुले

ट्रंप के बयान के साथ ही व्हाइट हाउस ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान के मामले में सभी विकल्प खुले हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हवाई हमलों जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया बंटी हुई है। जहां कई पश्चिमी देश ईरान की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ देश इसे विदेशी हस्तक्षेप बता रहे हैं।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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