अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के एक कार्यक्रम में उनके बाएं हाथ पर अजीब नीले और काले निशान देखे गए, जिसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब व्हाइट हाउस ने इस मामले पर एक बड़ा अपडेट जारी किया है।
यह मामला तब सामने आया जब ट्रंप दावोस में एक शांति बोर्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद दुनिया के नेताओं और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। तस्वीरों में उनके हाथ पर साफ तौर पर नीले रंग के निशान दिखाई दे रहे थे, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
किस बीमारी से जूझ रहे हैं ट्रंप?
व्हाइट हाउस के अनुसार, 79 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप ‘क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी’ (Chronic Venous Insufficiency) नामक बीमारी से पीड़ित हैं। यह रक्त संचार (Blood Circulation) से जुड़ी एक समस्या है, जो अक्सर 70 साल से अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती है। इस बीमारी के कारण टखनों और हाथों में सूजन आ सकती है और त्वचा का रंग भी बदल सकता है। भारत और दुनिया में हर साल इसके 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आते हैं।
कैसे हुआ बीमारी का पता?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप को इस बीमारी का पता तब चला जब उन्होंने अपने हाथ में हल्की सूजन महसूस की। इसके बाद उन्होंने अल्ट्रासाउंड समेत पूरी मेडिकल जांच कराई। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप के स्कैन में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) या किसी अन्य आर्टेरियल बीमारी का कोई सबूत नहीं मिला है। इस तरह की बीमारियों के गंभीर मामलों में अल्सर या खून के थक्के (Blood Clots) बनने का खतरा रहता है।
उम्र और एस्पिरिन भी एक वजह
क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी आमतौर पर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को प्रभावित करती है और उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा भी बढ़ जाता है। ट्रंप अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपतियों में से एक हैं। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि लगातार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से भी उन्हें चोट के निशान आ सकते हैं।
इसके अलावा, ट्रंप ने पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि वह खून को पतला रखने के लिए काफी मात्रा में एस्पिरिन लेते हैं। उन्होंने कहा था, “मैं नहीं चाहता कि मेरे दिल में गाढ़ा खून बहे।” एस्पिरिन के सेवन से भी शरीर पर आसानी से नील पड़ सकते हैं।





