जापान में फिर भूकंप के झटकों ने डराया, 5.7 की थी तीव्रता, जानिए और कहां महसूस किए गए?

बीती रात जापान में लगातार दो भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पहला झटका 5.7 तीव्रता का मापा गया जबकि दूसरा झटका 3.0 मेग्नीट्यूड का पाया गया। दरअसल, पहला झटका ताकानाबे में आया था जबकि दूसरा झटका नाजे में महसूस किया गया।
जापान में फिर भूकंप के झटकों ने डराया, 5.7 की थी तीव्रता, जानिए और कहां महसूस किए गए?

जापान में एक बार फिर भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया। दरअसल, बीती रात लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार पहला झटका ताकानाबे में 5.7 मेग्नीट्यूड का महसूस किया गया जबकि दूसरा झटका नाजे में 3.0 मेग्नीट्यूड का था। दरअसल, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि सभी लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप से किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर अब तक सामने नहीं आई है।

जानकारी के मुताबिक स्थानीय समय अनुसार यह भूकंप शनिवार रात लगभग 21:13 बजे आया। रिक्टर स्केल पर पहले भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई। पहला भूकंप काफी तेज था जिसने लोगों को डरा दिया और घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। हालांकि दूसरा झटका 3.0 मेग्नीट्यूड का था, लेकिन लगातार एक के बाद एक झटके आने से लोग बुरी तरह डर गए।

क्यों आता है जापान में सबसे ज्यादा भूकंप?

जापान में आए बीती रात के भूकंप का असर इंडोनेशिया तक भी महसूस किया गया। दरअसल, इंडोनेशिया में आए भूकंप की तीव्रता भी 5.7 मेग्नीट्यूड रही, जो कि जापान के भूकंप के बराबर थी। जानकारी दे दें कि जापान, इंडोनेशिया जैसे कई देश पेसिफिक रिंग ऑफ़ फायर के पास मौजूद हैं। इन इलाकों को हमेशा से ही भूकंप के लिए डेंजर जोन माना जाता है। इन इलाकों में टेक्टोनिक प्लेट खिसकने की प्रक्रिया सबसे ज्यादा होती है। कई बार ज्वालामुखी फटने और सुनामी जैसे खतरे भी इन इलाकों में आते हैं। भूकंप ने लोगों को इसी कारण से दहशत में डाल दिया।

कैसे आता है भूकंप?

दरअसल भूकंप का आधार पृथ्वी की कोर या ऊपरी गर्म वायुमंडल से संबंधित होता है। दरअसल जब पृथ्वी की कोर में दबाव बढ़ने लग जाता है। जो भूकंप का कारण बन जाता है। वहीं भूकंप के कारण ज्योलिथोस्फियर का दबाव बढ़ता है, जिससे ऊपरी गर्म वायुमंडल में अचानक अपचय होता है और तापमान में विशेषता घटने लगती है। इससे पृथ्वी की स्थिरता के बल में असंतुलन होता है और हलचल मचने लगती है। इस हलचलें को ही हम भूकंप कहते हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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