
Gold mine collapsed, laborers buried : सोना…आज भी दुनिया की सबसे महंगी धातुओं में शुमार है। सोना जो प्राचीनकाल से हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। भारत ही नहीं..दुनियाभर में सोने का महत्व है। राजा महाराजाओं से लेकर आम आदमी तक..सबकी ख्वाहिश में सोने का एक टुकड़ा तो होता ही है। इसके लिए जाने कितनी चोरियां हुई, युद्ध हुए, अपनों ने अपनों को धोखा दिया। लेकिन सोने की इतनी चाहत के बाद भी क्या कोई इसकी खान में मरना चाहेगा ?
हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया है..जिसमें कुछ ऐसा ही नज़ारा है। मध्य अफ्रीकी देश कॉन्गो में इस पीली धातु की खदान में कुछ मजदूर काम कर रहे थे। अचानक ही वो ढहना शुरू गई। कुछ लोग तो संभल गए लेकिन 9 मजदूर खदान के अंदर दब गए। भूस्खलन शुरू हुआ और मजदूर मिट्टी के अंदर दबते गए। लेकिन बाहर बचे मजदूरों ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ ने हाथों से तो कुछ ने फावड़े से खुदाई जारी रखी। इस तरह उन्होने अपने साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल है।
हम इस बारे में उतना ही जानते हैं जितना 1 मिनट 4 सेकंड के वीडियो में दिख रहा है। लेकिन इसके आरपार की एक बड़ी सच्चाई ये है कि खनन के नुकसान पर अरसे से बहस चल रही है। पर्यावरणविद, पर्यावरण वैज्ञानिक, जलवायु विशेषज्ञ सहित कई लोग इस बारे में सचेत कर रहे हैं कि उत्खनन, पेड़ों की कटाई, पानी का अपव्यय सहित ऐसे ही जाने कितने कृत्य हमारी धरती को नष्ट कर रहे हैं। दिनोंदिन हो रहे जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं इसी संकट के संकेत है। धरती से जरूरत भर लेना और उतना लौटा देना तो प्राकृतिक है..लेकिन लालच के लिए अगर हम उसे खोखला करेंगे को इसके दुष्परिणाम भी हमें ही भुगतने होंगे। प्रकृति का अप्राकृतिक दोहन हमें बड़ी सजा दे सकता है। ये महज़ एक वीडियो नहीं..चेतावनी है कि भले जितना कीमती हो, हम सोना खा नहीं सकते। खान भले सोने की हो, लेकिन उसमें दबकर कोई मरना नहीं चाहेगा।
https://twitter.com/Devi_Nagavalli/status/1640607595416399875?s=20
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

