भारतीय दूतावास ने ईरान की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

गैर-जरूरी यात्रा न करें और ईरान में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश
भारतीय दूतावास ने जारी किया एडवाइजरी

भारतीय दूतावास ने जारी किया एडवाइजरी

ईरान और पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सख्त परामर्श जारी किया है। 16 जुलाई को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक गैर-जरूरी यात्रा से बचें और जो लोग ईरान में पहले से मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द देश छोड़ने पर विचार करें।

गैर-जरूरी यात्रा न करें

भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि “पिछले कुछ सप्ताहों में ईरान में सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए नागरिकों से अपील की जाती है कि वे ईरान की अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि वहां पहले से मौजूद हैं, तो वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य उपलब्ध विकल्पों के ज़रिए भारत लौटने की कोशिश करें।” भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह चेतावनी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन जारी की गई है और आने वाले दिनों में हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

क्या है खतरे की वजह?

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच तनाव फिर एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। बीते कुछ हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव, सीमा पार मिसाइल हमले, और खुफिया ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई देखी गई है। ईरान द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें ईरान के तीन प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया। हाल में इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन से हमला हुआ। इसके बाद अमेरिका ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम को रोकने के मकसद से की गई। इजरायल भी इसी तर्क को आधार बनाकर “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” चला चुका है। हालांकि ईरान का कहना है कि उसने कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की, और यह अभियान उसकी संप्रभुता पर हमला है।

भारत को क्यों है चिंता?

ईरान में सैकड़ों भारतीय नागरिक कामकाज, पढ़ाई और धार्मिक कारणों से मौजूद हैं। इसके अलावा भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट, तेल व्यापार और शिया तीर्थस्थलों को लेकर अहम संबंध हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अस्थिरता से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, विदेशी निवेश, और राजनयिक परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से भारत ने अपने नागरिकों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है।

भारत लौटने के लिए विकल्प

दूतावास ने बताया है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक वाणिज्यिक उड़ानों, फेरी सेवाओं या किसी अन्य उपलब्ध वैकल्पिक साधन के ज़रिए भारत लौट सकते हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि “यदि आप भारत लौटने की योजना बना रहे हैं, तो कृपया पहले दूतावास से संपर्क करें और अपनी जानकारी साझा करें, ताकि आपात स्थिति में मदद की जा सके।”

क्षेत्रीय तनाव के बढ़ने की आशंका

सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इजरायल-ईरान टकराव फिर से एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है। ऐसे में
तेल आपूर्ति,गल्फ क्षेत्र में व्यापार, और सैन्य संतुलन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि अमेरिका के दबाव में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। छोटे-छोटे घटनाक्रम किसी भी समय युद्ध को फिर से भड़का सकते हैं।

भारतीय नागरिकों के लिए सलाह

नवीनतम एडवाइजरी को नियमित रूप से देखें।
दूतावास से संपर्क में रहें।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील ठिकानों से दूर रहें।
जरूरी हो तभी बाहर निकलें, और दस्तावेज़ हमेशा साथ रखें।
भारत लौटने की योजना बना रहे हों तो उड़ानों की जानकारी तुरंत लें।

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