पहले गाड़ी चोरी की, एक दिन बाद लौटाई, चोर ने माफी मांगी और बच्चों के लिए छोड़े खिलौने

golden colorado pickup truck

सांकेतिक तस्वीर

Thief returned the car : अगर हमारी कोई चीज चोरी चली जाए तो कितनी तकलीफ होती है। हम अपनी मेहनत की कमाई और शौक के मुताबिक चीज़ें जुटाते हैं और अगर कोई चोर आकर एक पल में उसपर हाथ साफ कर जाए तो गुस्सा आना और दिल दुखना स्वाभाविक है। और अगर चोरी हुई चीज की कीमत लाखों में हो तब तो ये बड़ा झटका हो सकता है। ऐसे में पुलिस ही एकमात्र उम्मीद बचती है, जो चोर को पकड़कर हमारी चीज़ वापस ले आए। लेकिन सोचिए..अगर खुद चोर ही आपकी चीज़ लौटा दे तो ?

ये है मामला

ये अजीबोगरीब वाकया हुआ है न्यूज़ीलैंड में भारतीय मूल के एक व्यक्ति के साथ। वरुण चड्ढा की यहां एक स्ट्रीट कैफे चलाते हैं। एक दिन काम के बाद वो कैफे से घर जा रहे थे लेकिन बाहर आकर उन्हें अहसास हुआ कि वो कुछ सामान अंदर ही भूल आए हैं। इसके बाद वो अपनी गाड़ी गोल्डन कोलोराडो पिकअप ट्रक में चाबी लगी रहने दी और सामान लेने कैफे के अंदर चले गए। और जब वो बाहर आए तो उनकी गाड़ी गायब थी। कोई चोर मौके का फायदा उठाकर उनकी गाड़ी उड़ा ले गया। सिक्योरिटी कैमरे से पता चला कि कोई उनकी गाड़ी ले गया है।

भला ‘चोर’

ज़ाहिर सी बात है वो इसे लेकर काफी परेशान हुए और इसकी रिपोर्ट भी की। लेकिन उनकी हैरानी की ठिकाना नहीं रहा जब एक दिन बाद उनकी गाड़ी वहीं खड़ी मिली, जहां  से गायब हुई थी। इसी के साथ गाड़ी की खिड़की पर एक नोट भी था जिसपर लिखा था कि ‘दोस्त माफ करना..मैं नशे में था और मुझे घर जाना था इसलिए आपकी गाड़ी ले ली। गाड़ी में ही आपकी चाबियां भी रखी है।’ इतना ही नहीं उस भले चोर ने गाड़ी में बच्चों के लिए कुछ खिलौने भी छोड़े थे। गाड़ी वापस पाकर वरुण चड्ढा की सांस में सांस आई, लेकिन वो उस शख्स की उदारता और भलमनसाहत से भी काफी प्रभावित हुए हैं। अगर किसी से कोई गलती हो जाए और वो उसे स्वीकार करने के साथ सुधार भी कर ले , तो इससे बढ़कर भला क्या होगा। ये घटना इसी बात का एक सुंदर उदाहरण है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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